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भारत छोड़ो आंदोलन की जयंती पर प्रधानमंत्री मोदी का प्रेरणादायी संदेश


नई दिल्ली, 9 अगस्त 2025 — भारत छोड़ो आंदोलन की ऐतिहासिक वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की आज़ादी के लिए अदम्य साहस और बलिदान देने वाले सभी स्वतंत्रता सेनानियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि 1942 का यह आंदोलन केवल औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध संघर्ष नहीं था, बल्कि यह स्वतंत्र भारत के निर्माण की दिशा में निर्णायक मोड़ साबित हुआ।

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि महात्मा गांधी के नेतृत्व में भारत छोड़ो आंदोलन, साहस, एकता और अटूट आत्मविश्वास का अद्वितीय उदाहरण है। इसने पूरे राष्ट्र को एक साझा लक्ष्य के लिए संगठित किया और आज़ादी की लड़ाई को अंतिम चरण में पहुँचा दिया।

उन्होंने सभी ज्ञात और अज्ञात वीरों को “असीम देशभक्ति और निःस्वार्थ बलिदान का प्रतीक” बताते हुए नमन किया। मोदी के अनुसार, इन वीर क्रांतिकारियों का त्याग आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्त्रोत रहेगा और यह भावना आज भी उतनी ही जीवंत है जितनी स्वतंत्रता संग्राम के समय थी।

सोशल मीडिया मंच एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा संदेश में प्रधानमंत्री ने लिखा—
“हम बापू के नेतृत्व में भारत छोड़ो आंदोलन में शामिल सभी महान सेनानियों को कृतज्ञता और सम्मान के साथ स्मरण करते हैं। उनका साहस और अटूट संकल्प भारतवासियों को निरंतर प्रेरित करता रहेगा।”

इतिहासकारों के अनुसार, 9 अगस्त 1942 को प्रारंभ हुआ भारत छोड़ो आंदोलन ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ सबसे व्यापक और अंतिम जनविद्रोह था। इसने गाँव-गाँव, कस्बों और शहरों में स्वतंत्रता की लौ जलाई, जिसने अंततः 15 अगस्त 1947 को देश को आज़ादी दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई।


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