HIT AND HOT NEWS

ट्रंप का अप्रत्यक्ष समर्थन: गाज़ा पर नेतन्याहू की योजना को लेकर वैश्विक आलोचना तेज


वॉशिंगटन, 10 अगस्त 2025 – अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की गाज़ा पट्टी पर नियंत्रण की योजना को अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन देने के संकेत दिए हैं। ट्रंप ने इस कदम को इज़राइल का आंतरिक निर्णय बताते हुए स्पष्ट किया कि सैन्य विस्तार के मामले में अमेरिका हस्तक्षेप नहीं करेगा, हालांकि उन्होंने मानवीय सहायता देने का वादा किया है।

ट्रंप ने कहा, “बाकी मामलों पर मैं कुछ नहीं कह सकता, यह लगभग पूरी तरह इज़राइल पर निर्भर करेगा।” उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब इज़राइल के सुरक्षा कैबिनेट ने गाज़ा में सैन्य कार्रवाई और प्रशासनिक नियंत्रण की मंजूरी दे दी है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना और कूटनीतिक दबाव
नेतन्याहू की योजना ने न केवल इज़राइल के भीतर राजनीतिक ध्रुवीकरण बढ़ा दिया है, बल्कि यूरोपीय, अरब और खाड़ी देशों के साथ उसके रिश्तों में भी खटास ला दी है। जर्मनी ने गाज़ा के लिए हथियारों के निर्यात पर रोक की घोषणा की है, जबकि फ्रांस, कनाडा और ब्रिटेन भी इसी राह पर चल रहे हैं। ब्रिटेन ने तो इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की मांग कर दी है।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस ने ब्रिटिश विदेश मंत्री डेविड लैमी से मुलाकात में स्वीकार किया कि दृष्टिकोण अलग-अलग हैं, लेकिन साझा लक्ष्य मौजूद हैं। उनके अनुसार, चुनौती इस बात की है कि इन लक्ष्यों को हासिल करने के तरीके पर सहमति कैसे बने।

इज़राइल के भीतर मतभेद और सुरक्षा चिंताएं
इज़राइली सैन्य प्रमुख एयाल ज़मीर ने चेतावनी दी कि गाज़ा पर कब्ज़ा बंधकों की जान को खतरे में डाल सकता है और सेना के लिए जटिल हालात पैदा कर सकता है, हालांकि उन्होंने भरोसा दिलाया कि योजना को “सबसे बेहतर तरीके” से लागू किया जाएगा।

वहीं, विपक्षी नेता यैर लापिड ने इस निर्णय को “पूरी तरह विनाशकारी” बताया है। आम जनता में भी इस बात को लेकर गहरी शंका है कि क्या यह अभियान वास्तव में हमास के शासन को समाप्त कर पाएगा और बंधकों को सुरक्षित छुड़ा पाएगा।

मानवीय संकट और अमेरिकी राजनीति में बहस
वॉशिंगटन में इज़राइल के लिए दोनों प्रमुख पार्टियों का समर्थन बरकरार है, लेकिन नेतन्याहू की युद्ध रणनीति और गाज़ा में बढ़ते मानवीय संकट ने अमेरिकी जनमत को विभाजित कर दिया है। कुछ सांसद इसे “नरसंहार” तक कह रहे हैं।

नेतन्याहू ने हालांकि साफ किया है कि उनका उद्देश्य गाज़ा पर स्थायी कब्ज़ा करना नहीं, बल्कि हमास से “गाज़ा को मुक्त” करना है। उनका दावा है कि वहां एक स्वतंत्र, शांतिपूर्ण नागरिक प्रशासन स्थापित किया जाएगा, जो हमास या फिलिस्तीनी प्राधिकरण से अलग होगा, ताकि बंधकों की रिहाई और भविष्य के खतरों को रोका जा सके।


Exit mobile version