
नई दिल्ली, 11 अगस्त — बिहार समेत कई राज्यों में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) प्रक्रिया और 2024 लोकसभा चुनावों में कथित “वोटर फ्रॉड” के आरोपों को लेकर INDIA गठबंधन के सांसदों ने सोमवार को संसद से चुनाव आयोग के दफ्तर तक मार्च निकाला। लेकिन दिल्ली पुलिस ने इस विरोध यात्रा को बीच रास्ते में ही रोक दिया।
मार्च के दौरान सांसद “वोट चोर” जैसे नारे लगा रहे थे और उनका काफिला निर्वाचन सदन की ओर बढ़ रहा था। यह प्रदर्शन संसद के मकर द्वार से शुरू हुआ, जिसमें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने नेतृत्व किया। सांसदों का कहना था कि चुनाव आयोग को “वोट चोरी” से जुड़े उनके सवालों का जवाब देना चाहिए।
समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश के उपचुनाव में 10 विधानसभा सीटों पर मतदान के दौरान न केवल वोट चोरी हुए, बल्कि मतदान केंद्रों पर कब्जा भी किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि चुनाव आयोग ने इस पर कार्रवाई क्यों नहीं की और राज्य सरकार के अधिकारियों के खिलाफ कदम क्यों नहीं उठाए।
राजद सांसद मनोज झा ने SIR को “धोखाधड़ी” करार देते हुए चुनाव आयोग पर गोपनीय आंकड़े न देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “अगर आप सांसदों से मिलने के लिए जगह का बहाना बनाते हैं, तो यह आपके काम करने के तौर-तरीकों पर सवाल खड़ा करता है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद आपकी ज़िद खत्म नहीं हो रही है।”
दिल्ली पुलिस का कहना है कि विपक्षी सांसदों ने इस मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं ली थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा, “वे कभी अनुमति नहीं देते। सरकार के इशारे पर राजनीतिक भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है। पूरा विपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में मार्च करेगा। वे हमें रोकने की कोशिश करेंगे, लेकिन हम हर संभव प्रयास करेंगे कि चुनाव आयोग के दफ्तर तक पहुंचें।”
यह विरोध प्रदर्शन न केवल SIR प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है, बल्कि आने वाले चुनावी माहौल में राजनीतिक टकराव को भी और तेज़ कर रहा है।