
पेरिस, 12 अगस्त 2025 — फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ के उस फैसले का स्वागत किया है, जिसके तहत ऑस्ट्रेलिया ने इज़राइल-फिलिस्तीन शांति प्रक्रिया को पुनर्जीवित करने के लिए चल रहे अंतरराष्ट्रीय प्रयास में शामिल होने का निर्णय लिया है। यह पहल सबसे पहले न्यूयॉर्क में शुरू हुई थी और पहले ही ब्रिटेन, कनाडा, पुर्तगाल समेत कई देशों का समर्थन प्राप्त कर चुकी है। इसका मुख्य उद्देश्य स्थायी शांति के लिए “दो-राष्ट्र समाधान” को पुन: केंद्र में लाना है।
मैक्रों ने बयान में कहा, “यह कदम हमारे साझा संकल्प और राजनीतिक मार्ग के सामूहिक पुनर्निर्माण का संकेत है। बिना एक ठोस राजनीतिक ढांचे के, इज़राइल और फिलीस्तीन — दोनों के लिए — न तो स्थायी शांति संभव है और न ही सुरक्षा।”
यह पहल न केवल इज़राइल और फिलिस्तीन के दो स्वतंत्र राष्ट्रों के रूप में शांतिपूर्वक सहअस्तित्व के सिद्धांत पर आधारित है, बल्कि मानवीय सहायता, आर्थिक विकास और सुशासन को भी मजबूती देने पर जोर देती है, ताकि क्षेत्र में स्थिरता लाई जा सके।
मैक्रों लंबे समय से इस मुद्दे पर सक्रिय कूटनीतिक प्रयासों के पक्षधर रहे हैं। वे केवल औपचारिक बयानों से आगे बढ़कर ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर बल देते रहे हैं — जिसमें संवाद को बढ़ावा देना, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, सुरक्षा संबंधी चिंताओं का समाधान करना और संघर्ष-प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्निर्माण कार्य को प्रोत्साहित करना शामिल है।
कई महाद्वीपों के देशों को साथ लाकर यह गठबंधन यह संदेश देना चाहता है कि मध्य-पूर्व में शांति स्थापित करना केवल क्षेत्रीय शक्तियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरी दुनिया का दायित्व है। ऑस्ट्रेलिया के जुड़ने से मैक्रों को उम्मीद है कि यह राजनीतिक प्रक्रिया अब नई गति पकड़ेगी और, उनके शब्दों में, “सभी के लिए वास्तविक शांति का क्षितिज” खोलेगी।