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🇮🇱 कनेस्सेट म्यूज़ियम का उद्घाटन: इज़राइल की लोकतांत्रिक पहचान और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक


भूमिका
यरुशलम में इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कनेस्सेट म्यूज़ियम का भव्य उद्घाटन किया। यह संग्रहालय न केवल इज़राइल की लोकतांत्रिक परंपरा का प्रतीक है, बल्कि यह देश की एकता, संघर्ष और साहसिक इतिहास को भी दर्शाता है।

लोकतंत्र और राष्ट्रीय शक्ति का प्रतीक
नेतन्याहू ने अपने संबोधन में कहा कि कनेस्सेट म्यूज़ियम इज़राइली लोकतंत्र और जनता की ताकत का स्पष्ट प्रमाण है। यह वह स्थान है जहाँ से देश के स्वतंत्र अस्तित्व और राष्ट्रीय संप्रभुता की गूंज पूरे विश्व में सुनाई देती है।

विजय और चुनौतियों का समय
उन्होंने इस अवसर पर इज़राइल द्वारा हाल ही में हासिल की गई बड़ी जीतों का उल्लेख किया। नेतन्याहू ने कहा कि जिन ताकतों ने देश को मिटाने और यहूदी जनता को समाप्त करने का प्रयास किया, उनके खिलाफ यह जीत ऐतिहासिक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार अब ईरानी धुरी के बचे हुए खतरों को समाप्त करने और सभी बंधकों को मुक्त कराने के अंतिम चरण में है—चाहे वे जीवित हों या वीरगति को प्राप्त हो चुके हों।

यरुशलम की केंद्रीय भूमिका
प्रधानमंत्री ने यरुशलम को “हमारी शाश्वत राजधानी” बताते हुए कहा कि यहाँ खड़े होकर हम अपने अस्तित्व, स्वतंत्रता और गौरव को पुनः स्थापित करते हैं। यह संग्रहालय आने वाली पीढ़ियों को याद दिलाएगा कि इज़राइल की आज़ादी किसी उपहार की तरह नहीं मिली, बल्कि इसे साहस और बलिदान से अर्जित किया गया है।

उत्सव और ऐतिहासिक महत्व
इस उद्घाटन को नेतन्याहू ने पूरे इज़राइल के लिए उत्सव का दिन बताया। यह सिर्फ एक भवन का उद्घाटन नहीं, बल्कि इज़राइल की आत्मा और उसकी लोकतांत्रिक विरासत का उत्सव है।


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