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लोकतंत्र की मजबूती के लिए चुनावी धांधली पर कड़ी कार्रवाई जरूरी: डिंपल यादव


नई दिल्ली, 12 अगस्त (एएनआई): समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने मंगलवार को चुनावी धांधली के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यदि देश को सही मायनों में लोकतांत्रिक तरीके से चलाना है तो सरकार और चुनाव आयोग को इस मामले को गंभीरता से लेना होगा।

पत्रकारों से बातचीत में डिंपल यादव ने सवाल किया, “अगर हम अभी अपनी आवाज़ नहीं उठाएंगे तो कब उठाएंगे? यदि हम चाहते हैं कि देश में जनता की राय को महत्व दिया जाए और शासन व्यवस्था लोकतांत्रिक सिद्धांतों पर आधारित हो, तो यह बेहद आवश्यक है कि सरकार और चुनाव आयोग इस पूरे मामले पर संज्ञान लें।”

उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) असल मुद्दों से बचने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। “सरकार ने देश के अहम मुद्दों पर पूरी तरह असफलता पाई है,” उन्होंने जोड़ा।

इसी विषय पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता शमा मोहम्मद ने कहा, “लोकतंत्र में हर नागरिक को विरोध करने का अधिकार है। राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की है और अब चुनाव आयोग को जवाब देना चाहिए।” उन्होंने याद दिलाया कि यूपीए शासनकाल में निर्भया कांड के दौरान बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिनमें तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी ने लोगों से मुलाकात कर संवाद किया था।

शमा मोहम्मद ने आगे कहा, “किसान आंदोलन के समय प्रदर्शनकारियों को दिल्ली में प्रवेश तक नहीं दिया गया। आज सांसद, विपक्ष के नेता, कांग्रेस अध्यक्ष और विभिन्न दलों के वरिष्ठ नेता संसद से चुनाव आयोग कार्यालय तक मार्च कर रहे हैं, फिर भी आयोग उनसे मिलने से इंकार कर रहा है। अगर सांसदों से मुलाकात नहीं होगी तो फिर किससे होगी? यह खुद साबित करता है कि चुनाव आयोग गलत दिशा में है।”

इससे पहले, मानसून सत्र के सत्रहवें दिन कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अन्य INDIA गठबंधन के नेताओं के साथ संसद में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) मुद्दे पर विरोध जताया। कई विपक्षी सांसद इस दौरान सफेद टी-शर्ट पहनकर पहुंचे, जिन पर ‘124 नॉट आउट’ का नारा अंकित था।


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