
नई दिल्ली, 13 अगस्त:
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने देशवासियों से अपील की है कि वे अपने मताधिकार की रक्षा करें और चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ दृढ़ता से आवाज उठाएं। उनका कहना है कि लोकतंत्र की असली ताकत जनता की भागीदारी और स्वतंत्र संस्थाओं की निष्पक्षता में निहित है।
खड़गे ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक काल्पनिक वीडियो साझा किया। इस वीडियो के साथ उन्होंने लिखा—
“अपना वोट किसी के हाथों न जाने दें। सवाल पूछना और जवाब मांगना हर नागरिक का अधिकार है। इस बार आवाज इतनी बुलंद होनी चाहिए कि देश की स्वतंत्र संस्थाएं किसी भी राजनीतिक दबाव से मुक्त हो सकें।”
वीडियो में कथित तौर पर बीजेपी से जुड़े दो लोगों को चुनाव आयोग के अधिकारियों के साथ मिलकर दूसरों के नाम पर वोट डालते हुए दिखाया गया है। मतदान केंद्र से लौटते समय उनमें से एक कहता है— “व्यवस्था शानदार है, जीत तय है।”
इसके बाद, असली मतदाता गरीब दास (उम्र 50 वर्ष) जब मतदान करने आते हैं, तो उन्हें बताया जाता है कि उनका वोट पहले ही डाला जा चुका है। यही हाल उनकी पत्नी के साथ भी होता है— उन्हें भी यह कहकर लौटा दिया जाता है कि कोई और पहले ही उनके नाम से वोट डाल चुका है। नतीजतन, दोनों बिना मतदान किए घर लौटने को मजबूर हो जाते हैं।
वीडियो के अंतिम हिस्से में, वे कथित व्यक्ति बूथ-लेवल ऑफिसर (बीएलओ) से भी साठगांठ करते दिखाई देते हैं और चुनाव आयोग का मज़ाक उड़ाते हुए उसे “इलेक्शन चोरी आयोग” कहते हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी यही वीडियो साझा करते हुए लिखा—
“यह सिर्फ वोट की चोरी नहीं है, बल्कि पहचान की भी चोरी है।”
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले, 12 अगस्त को, खड़गे ने ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिवों, राज्य प्रभारियों और विभिन्न मोर्चों के प्रमुखों के साथ बैठक की थी, जिसमें मतदाता सूची में कथित हेरफेर और चुनावी पारदर्शिता को लेकर रणनीति पर चर्चा की गई।