
मेरठ जनपद में अल्पसंख्यक छात्रों के लिए भारत सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में गड़बड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। जाँच में पता चला कि कुछ स्कूलों और मदरसों के संचालक/प्रधानाचार्य/प्रबंधक ने तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी और अन्य लोगों के साथ मिलकर धोखाधड़ी की।
आरोप है कि इन लोगों ने सरकारी धन का दुरुपयोग करते हुए, अल्पसंख्यक छात्रों के नाम पर वितरित की जाने वाली छात्रवृत्ति की राशि में से ₹1,16,000/- का गबन किया। इस कृत्य से न केवल पात्र छात्रों का नुकसान हुआ, बल्कि सरकारी कोष को भी सीधा आर्थिक नुकसान पहुँचा।
राज्य की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने इस मामले में संलिप्त एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि ऐसे किसी भी प्रकार के वित्तीय अपराध में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि यूपी पुलिस और ईओडब्ल्यू की टीम “Zero Tolerance” की नीति पर काम कर रही है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तव में ज़रूरतमंदों तक पहुँच सके और भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जा सके।