
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण रक्षा-सहयोग कार्यक्रम की घोषणा की है, जिसे PURL (Prioritised Ukraine Requirements List) नाम दिया गया है। यह योजना न केवल युद्ध प्रभावित यूक्रेन की रक्षा क्षमता को नई मजबूती दे रही है, बल्कि इसे अंतरराष्ट्रीय सहयोग का एक प्रभावशाली उदाहरण भी बना रही है।
🌍 PURL क्या है?
PURL एक विशेष तंत्र है जिसके तहत NATO के सदस्य राष्ट्र यूक्रेन की शीर्ष प्राथमिकता वाली रक्षा ज़रूरतों को पूरा करने के लिए अमेरिकी हथियार और सैन्य उपकरण खरीदने में मदद करेंगे। इस पहल का उद्देश्य है— युद्धग्रस्त हालात में यूक्रेन को आत्मरक्षा हेतु तुरंत और पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराना, ताकि देश सम्मानजनक और टिकाऊ शांति की ओर बढ़ सके।
💰 अब तक की वित्तीय सहायता
PURL के तहत विभिन्न देशों ने अब तक कुल 1.5 अरब डॉलर की सहायता की प्रतिबद्धता जताई है। प्रमुख योगदान इस प्रकार हैं—
- 🇳🇱 नीदरलैंड्स: 50 करोड़ डॉलर
- 🇩🇰🇳🇴🇸🇪 डेनमार्क, नॉर्वे और स्वीडन: संयुक्त रूप से 50 करोड़ डॉलर
- 🇩🇪 जर्मनी: हाल ही में घोषित 50 करोड़ डॉलर
ये योगदान केवल आर्थिक सहारा ही नहीं, बल्कि यूक्रेन की मनोबल वृद्धि और वैश्विक एकजुटता के प्रतीक भी हैं।
🕊️ शांति की ओर कदम
राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की के अनुसार, हर सहयोग सीधे तौर पर यूक्रेन के नागरिकों और उनकी सुरक्षा में निवेश है। यह पहल युद्धक्षेत्र में क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ एक सम्मानजनक और स्थायी समाधान की संभावना को भी मजबूत करती है।
🤝 अंतरराष्ट्रीय साझेदारी
यूक्रेन अन्य देशों के साथ भी लगातार संवाद में है ताकि PURL में और साझेदार जुड़ सकें। ज़ेलेंस्की ने सभी सहभागी देशों का आभार जताते हुए कहा कि यह समर्थन उनके देश के लिए “नई आशा की किरण” है।
✍️ निष्कर्ष
PURL केवल सैन्य सहयोग का माध्यम नहीं, बल्कि यह इस बात का सबूत है कि जब कूटनीति, मानवीय संवेदनाएँ और सुरक्षा हित एक साथ आते हैं, तो वैश्विक एकजुटता कैसी दिखती है। आने वाले समय में यह देखना रोचक होगा कि और कौन से राष्ट्र इस प्रयास में शामिल होते हैं और यूक्रेन को स्थायी शांति की ओर बढ़ने में सहारा देते हैं।