
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली की तीस हज़ारी अदालत ने धन शोधन से जुड़े एक संवेदनशील मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को बड़ी राहत देते हुए आरोपी संदीप विर्क की हिरासत अवधि चार दिन और बढ़ाने का आदेश दिया है। अदालत का मानना है कि जांच एजेंसी को मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल करने के लिए अतिरिक्त समय दिया जाना आवश्यक है।
ईडी ने कोर्ट में दलील दी कि अब तक की पूछताछ में कई अहम बिंदु सामने आए हैं, जिनकी गहराई से जांच की जानी बाकी है। इसके लिए आरोपी से और पूछताछ की जरूरत है। अदालत ने एजेंसी की मांग को स्वीकार करते हुए विर्क को फिलहाल ईडी की हिरासत में ही रखने का निर्देश दिया।
इस फैसले के बाद अब संदीप विर्क को 18 अगस्त 2025 को दोबारा अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा। तब तक ईडी को उम्मीद है कि वह केस से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण सबूत और जानकारियां हासिल कर सकेगी।
धन शोधन से जुड़ा यह मामला हाल ही में सुर्खियों में आया है और एजेंसी का कहना है कि इससे जुड़े आर्थिक लेन-देन और नेटवर्क की जांच करना बेहद ज़रूरी है। अदालत का ताज़ा आदेश इस दिशा में ईडी की कार्रवाई को और मजबूती देता है।