
इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हाल ही में सीमा रक्षक बल की विशेष ‘अबनेट’ यूनिट का दौरा किया। यह यूनिट खास है क्योंकि इसमें अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स यहूदी सैनिक न केवल राष्ट्र की सुरक्षा में योगदान दे रहे हैं, बल्कि अपने धार्मिक सिद्धांतों का पालन भी पूरी निष्ठा से कर रहे हैं।
इस मुलाक़ात के दौरान प्रधानमंत्री ने प्रत्यक्ष रूप से अनुभव किया कि तोरा की शिक्षाओं और सैन्य सेवा की कठोर जिम्मेदारियों के बीच किस प्रकार संतुलन कायम किया गया है। यहां सैनिक, प्रार्थना और धार्मिक अनुष्ठानों को बनाए रखते हुए, सीमाओं की रक्षा में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।
नेतन्याहू ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह मॉडल दिखाता है कि आस्था और कर्तव्य को साथ लेकर कैसे राष्ट्र निर्माण में योगदान दिया जा सकता है। ‘अबनेट’ यूनिट, धार्मिक समुदाय और सुरक्षा बलों के बीच सहयोग की एक मिसाल बन चुकी है, जो यह साबित करती है कि परंपरा और आधुनिकता साथ-साथ चल सकती हैं।