
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने हाल ही में एक बयान जारी कर अंतरराष्ट्रीय सहयोग और शांति की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्थायी और भरोसेमंद शांति तभी संभव है जब सभी देश, विशेष रूप से रूस, युद्धविराम की दिशा में ठोस कदम उठाएँ।
✦ रूस के रवैये से जटिल स्थिति
ज़ेलेंस्की के अनुसार, रूस बार-बार युद्धविराम की अपीलों को नकार रहा है और यह तय नहीं कर रहा कि हिंसा कब रुकेगी। यह स्थिति को और कठिन बना देती है। उनका मानना है कि यदि रूस केवल हमलों को रोकने का सरल निर्णय भी नहीं ले पा रहा, तो पड़ोसी देशों के साथ दीर्घकालिक शांति और सहअस्तित्व स्थापित करने में और भी अधिक मेहनत लगेगी।
✦ साझेदार देशों से निरंतर संवाद
ज़ेलेंस्की ने बताया कि यूक्रेन लगातार अपने सहयोगी देशों के साथ संपर्क में है। उन्होंने कहा कि कल भी कई देशों के नेताओं से वार्ता तय है और सोमवार को अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ एक अहम बैठक होगी। इस बैठक को शांति प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
✦ नॉर्डिक-बाल्टिक देशों का समर्थन
यूक्रेन ने नॉर्डिक और बाल्टिक देशों द्वारा दिए गए सशक्त बयान और सहयोग की सराहना की है। ज़ेलेंस्की ने इसे “महत्वपूर्ण सहायता” बताते हुए कहा कि जब सभी देश एकजुट होकर कार्य करते हैं तो प्रत्येक की ताकत कई गुना बढ़ जाती है।
✦ शांति ही युद्ध रोकने का आधार
यूक्रेन के राष्ट्रपति ने जोर दिया कि युद्ध समाप्त करने के लिए सबसे पहला और अहम कदम “हत्या और हमलों को रोकना” है। केवल तभी वास्तविक शांति और सुरक्षा संभव हो सकेगी।
🔍 निष्कर्ष
ज़ेलेंस्की का यह संदेश स्पष्ट करता है कि यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए न केवल तैयार है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग को भी बेहद महत्व देता है। रूस की हठधर्मिता के बावजूद, यदि वैश्विक समुदाय एकजुट रहता है तो स्थायी शांति की राह आसान हो सकती है।