
वॉशिंगटन, डी.सी., 17 अगस्त 2025 – अमेरिका की पूर्व हाउस स्पीकर नैन्सी पेलोसी ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की अलास्का में हुई मुलाकात पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने इस बैठक को “अनुचित सौजन्य” करार देते हुए कहा कि ऐसे कदम रूस की आक्रामक नीतियों को बढ़ावा देते हैं और यूक्रेन में शांति स्थापित करने के प्रयासों को कमजोर करते हैं।
पेलोसी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा – “हमने शांति के लिए प्रार्थना की थी, लेकिन बदले में पुतिन की प्रशंसा सुनने को मिली। यह न केवल गलत संदेश देता है बल्कि यूक्रेन के खिलाफ जारी युद्ध अपराधों को सामान्य करने का खतरा भी पैदा करता है।”
उन्होंने रूस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुतिन को यूक्रेन में किए गए मानवाधिकार हनन के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। पेलोसी ने विशेष रूप से बच्चों के बड़े पैमाने पर अपहरण और महिलाओं के साथ यौन हिंसा के प्रयोग को अमानवीय करार दिया। उन्होंने मांग की – “यह गुंडा तुरंत यूक्रेन से अपहृत किए गए हजारों बच्चों को लौटाए और महिलाओं के साथ हो रहे अमानवीय अपराधों को बंद करे।”
अलास्का में हुआ यह सम्मेलन ट्रंप और पुतिन की पहली आमने-सामने की बैठक थी, जब से ट्रंप ने राजनीतिक मंच पर वापसी की है। कुछ लोगों ने इसे संवाद का अवसर बताया, लेकिन आलोचकों का मानना है कि ऐसे समय में पुतिन को राजनयिक सम्मान देना गलत संदेश देता है, जबकि यूक्रेन लगातार भीषण हमलों का सामना कर रहा है।
पेलोसी की यह टिप्पणी न केवल अमेरिका के भीतर बल्कि उसके सहयोगी देशों में भी गूंज रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि रूस के प्रति नरमी दिखाना, यूक्रेन की संप्रभुता की रक्षा के लिए बने अंतरराष्ट्रीय गठबंधन की एकजुटता को कमजोर कर सकता है।
फिलहाल, यूक्रेन युद्ध के खत्म होने के कोई संकेत नहीं हैं और इस बीच अमेरिकी नेताओं के रूस से संबंधों को लेकर गहरी बहस छिड़ गई है। पेलोसी का यह सख्त बयान इसी बहस को और तेज करता दिख रहा है।