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दिल्ली में सभी मेडिकल दुकानों पर सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य


नई दिल्ली: दिल्ली के दक्षिणी जिला मजिस्ट्रेट ने हाल ही में एक अहम आदेश जारी किया है, जिसके तहत राजधानी की सभी दवा दुकानों और फार्मेसियों में सीसीटीवी कैमरों की स्थापना को अनिवार्य कर दिया गया है। यह कदम दवाइयों की अवैध बिक्री और बिना पर्ची के खतरनाक दवाओं की उपलब्धता पर रोक लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

आदेश का मुख्य उद्देश्य

इस आदेश का मकसद विशेष रूप से उन दवाओं की गलत बिक्री को रोकना है, जो शेड्यूल H, H1 और X श्रेणी में आती हैं। ये दवाएं बिना डॉक्टर की पर्ची के दी जाने पर गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकती हैं। सीसीटीवी की निगरानी से न केवल दुकानदारों पर नियंत्रण रखा जा सकेगा, बल्कि गलत गतिविधियों को समय रहते रोका भी जा सकेगा।

निगरानी और कार्रवाई

आदेश के अनुसार, इन दुकानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को किसी भी समय जिला औषधि नियंत्रण प्राधिकरण, उप-मंडल मजिस्ट्रेट या पुलिस अधिकारी द्वारा जांचा जा सकता है।
यदि कोई मेडिकल स्टोर इस आदेश का पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए संबंधित मजिस्ट्रेटों और पुलिस अधिकारियों को सख्ती से निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

ऑनलाइन फार्मेसी पर चिंता

इससे पहले, ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) ने सरकार के सामने यह मुद्दा उठाया था कि कई ऑनलाइन फार्मेसी प्लेटफ़ॉर्म दवाओं की अनियंत्रित और अवैध बिक्री कर रहे हैं। संगठन का कहना है कि इन प्लेटफॉर्म्स पर दवाएं ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 का उल्लंघन करते हुए बेची जा रही हैं, जो जनता के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है।

सरकार से अपेक्षा

एआईओसीडी ने स्वास्थ्य मंत्रालय को लिखे अपने पत्र में यह भी स्पष्ट किया कि कई बार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद राज्य लाइसेंसिंग प्राधिकरण (SLA) और सीडीएससीओ द्वारा उचित कार्रवाई नहीं की गई। इस पर संगठन ने सख्त नाराजगी जताई है और तत्काल कदम उठाने की मांग की है।

निष्कर्ष

दिल्ली सरकार का यह निर्णय निश्चित रूप से दवाओं की अवैध बिक्री को रोकने और जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करेगा। सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी से न केवल मेडिकल स्टोर पारदर्शी ढंग से कार्य करेंगे, बल्कि लोगों का विश्वास भी बढ़ेगा। अब देखना यह होगा कि यह नियम कितनी सख्ती से लागू होता है और क्या ऑनलाइन दवाओं की अवैध बिक्री पर भी इसी तरह की ठोस कार्रवाई की जाती है।


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