
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने हाल ही में एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आगाह किया है कि रूस की सैन्य कार्रवाइयाँ अब पूरी तरह से बेकाबू हो चुकी हैं। ताज़ा हमले में रूस ने ज़कारपातिया क्षेत्र में स्थित एक नागरिक कंपनी पर क्रूज़ मिसाइलें दागीं। यह कंपनी अमेरिकी निवेश से स्थापित थी और घरेलू उत्पाद—जैसे कॉफी मशीन—बनाती थी। किसी सैन्य ठिकाने से कोई संबंध न होने के बावजूद इसे निशाना बनाया गया, जिसमें कम से कम 15 लोग घायल हुए और भीषण आग भड़क उठी।
🔥 नागरिक ढाँचों पर हमला: रूस का नया ‘काला अध्याय’
ज़ेलेंस्की ने इस घटना को रूस की “अंधी और पागलपन भरी बर्बरता” करार दिया। उनके अनुसार, एक ही रात में रूस ने 574 ड्रोन और 40 मिसाइलें यूक्रेन की धरती पर दागीं। यूक्रेनी सुरक्षा बलों ने अधिकतर को नष्ट कर दिया, लेकिन जो वार सफल हुए उन्होंने कई क्षेत्रों में तबाही मचा दी। यह हमला साफ दिखाता है कि नागरिक और व्यावसायिक ढाँचे अब रूस की सैन्य नीति के लिए वैध लक्ष्य बन गए हैं।
🚑 राहतकर्मियों की जंग: आग और मलबे के बीच जीवन बचाने की कोशिश
हमले के बाद ज़कारपातिया, ज़ापोरिज़्ज़िया और वोलिन जैसे इलाकों में आपात दल लगातार काम कर रहे हैं। घायलों को अस्पताल पहुँचाया गया और आग बुझाने के लिए दमकलकर्मी दिन-रात जुटे हुए हैं। राष्ट्रपति ने राहतकर्मियों और सुरक्षा बलों के साहस की सराहना करते हुए कहा कि यह संघर्ष केवल मोर्चे पर नहीं, बल्कि हर घर, हर अस्पताल और हर फैक्ट्री में लड़ा जा रहा है।
🌍 अंतरराष्ट्रीय दबाव की आवश्यकता
ज़ेलेंस्की ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि रूस अभी भी सच्ची शांति वार्ता से कोसों दूर है। उनकी अपील है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय कठोर प्रतिबंधों और आर्थिक टैरिफ के ज़रिए रूस पर ऐसा दबाव बनाए कि उसे युद्धविराम पर मजबूर होना पड़े। साथ ही, उन्होंने उन देशों और संगठनों का आभार जताया जो मानवीय सहायता और सुरक्षा सहयोग प्रदान कर रहे हैं।
✊ निष्कर्ष: शांति तभी जब न्याय होगा
यह युद्ध केवल यूक्रेन की समस्या नहीं, बल्कि पूरी मानवता के सामने खड़ी एक चुनौती है। ज़ेलेंस्की का संदेश स्पष्ट है—अगर दुनिया ने मिलकर निर्णायक कदम नहीं उठाए तो शांति का सपना दूर ही रहेगा। आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है न्याय, ताकि निर्दोष नागरिकों की ज़िंदगी सुरक्षित रह सके और युद्ध की जगह शांति का नया अध्याय लिखा जा सके।