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इतालवी अख़बार ‘इल टेम्पो’ को मिली धमकी : अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर खतरा


रोम, 23 अगस्त:
इटली के प्रतिष्ठित दैनिक समाचार पत्र ‘इल टेम्पो’ के दफ़्तर को हाल ही में एक धमकी भरा पत्र प्राप्त हुआ है। इस पत्र में संपादकीय टीम को जान से मारने की चेतावनी दी गई है और उस पर अराजकवादी संगठनों के हस्ताक्षर पाए गए हैं। घटना सामने आने के बाद प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए अख़बार के संपादक टोमासो सेर्नो और उनकी पूरी टीम के प्रति अपना समर्थन जताया।

यह धमकी केवल किसी एक संस्था या व्यक्ति के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र की मूल आत्मा – सूचना और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता – पर सीधा आघात है। किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रेस की स्वतंत्रता चौथे स्तंभ की तरह कार्य करती है। पत्रकार समाज को तथ्यात्मक और निष्पक्ष जानकारी उपलब्ध कराने का दायित्व निभाते हैं। उन्हें डराने-धमकाने के ऐसे प्रयास उनके कर्तव्यों को बाधित करने की कोशिश हैं।

प्रधानमंत्री मेलोनी ने बिल्कुल सटीक कहा कि ऐसे कायराना प्रयास उन लोगों के हौसले को कभी नहीं तोड़ सकते जो साहस और निष्ठा से अपना दायित्व निभाने में विश्वास रखते हैं। यह घटना हम सभी के लिए चेतावनी है कि हमें स्वतंत्र पत्रकारिता की रक्षा के लिए एकजुट रहना होगा।

अराजकवादी संगठनों द्वारा हिंसा या धमकी का सहारा लेना न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि सभ्य समाज के लोकतांत्रिक मूल्यों के भी विपरीत है। असहमति या मतभेद व्यक्त करने का रास्ता संवाद और शांतिपूर्ण विमर्श होना चाहिए, न कि भय और आतंक फैलाना।

सरकारी एजेंसियों ने इस मामले की जाँच शुरू कर दी है। उम्मीद की जाती है कि दोषियों को जल्द ही न्यायालय के सामने लाया जाएगा। वहीं, ‘इल टेम्पो’ की संपादकीय टीम को भी इस घटना से हतोत्साहित होने के बजाय और दृढ़ संकल्प के साथ अपनी ज़िम्मेदारियों का निर्वाह करना चाहिए।

यह प्रकरण पूरे मीडिया जगत को यह याद दिलाता है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता हमेशा चुनौतियों के घेरे में रहती है। हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह ऐसी धमकियों का विरोध करे और स्वतंत्र पत्रकारिता के साथ खड़ा हो। लोकतंत्र की सेहत और मजबूती इसी पर निर्भर करती है कि हम विचारों की आज़ादी की रक्षा कितनी शिद्दत से करते हैं।


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