
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने हाल ही में दो महत्वपूर्ण आदेशों पर हस्ताक्षर किए, जिनका सीधा संबंध रूस और उसके सहयोगियों पर लगाए जाने वाले नए प्रतिबंधों से है। यह कदम न केवल यूक्रेन की स्वतंत्रता और सुरक्षा को मज़बूती देता है, बल्कि वैश्विक स्तर पर रूस के युद्ध प्रयासों को कमजोर करने की दिशा में भी एक बड़ा संदेश है।
पहला आदेश: कनाडा के साथ तालमेल
ज़ेलेंस्की द्वारा हस्ताक्षरित पहला आदेश कनाडा के हालिया प्रतिबंधों के साथ यूक्रेन की पूर्ण सामंजस्य (synchronization) को दर्शाता है। इस पहल के तहत 139 व्यक्तियों और कानूनी संस्थाओं पर कार्रवाई होगी, जिन्हें रूस के युद्ध मशीन का हिस्सा माना जा रहा है। यह कदम यह साफ़ करता है कि यूक्रेन और उसके सहयोगी देश अब किसी भी तरह की ढिलाई बरतने को तैयार नहीं हैं।
दूसरा आदेश: रूस समर्थक नागरिकों पर सख्ती
दूसरे आदेश में 28 ऐसे विदेशी नागरिकों को निशाना बनाया गया है, जो सीधे या परोक्ष रूप से रूस की मदद कर रहे हैं। ये लोग या तो रूस के कब्ज़े वाले क्षेत्रों को मज़बूत कर रहे हैं या फिर उसकी सरकार को वित्तीय सहयोग प्रदान कर रहे हैं। यूक्रेन ने साफ़ कर दिया है कि ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ न सिर्फ आर्थिक प्रतिबंध लगाए जाएंगे, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर उन्हें जवाबदेह भी ठहराया जाएगा।
यूक्रेन का स्पष्ट संदेश
ज़ेलेंस्की ने दो टूक कहा कि जो भी रूस को हिंसा जारी रखने और निर्दोषों की हत्या में मदद करेगा, उसे वैश्विक दबाव का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने यह भी ज़ोर दिया कि रूस के सहयोगी चाहे किसी भी देश से हों, उन्हें उनके कृत्यों के लिए ज़िम्मेदार ठहराया जाएगा।
निष्कर्ष
यूक्रेन का यह कदम बताता है कि अब लड़ाई केवल सैन्य मोर्चे तक सीमित नहीं है, बल्कि आर्थिक और कूटनीतिक स्तर पर भी रूस को घेरने की रणनीति तेज़ हो चुकी है। ज़ेलेंस्की का यह निर्णय अंतरराष्ट्रीय सहयोग को और मज़बूत करेगा और रूस के लिए वैश्विक स्तर पर अलगाव को और गहरा करेगा।