
जम्मू, 24 अगस्त 2025
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को जम्मू के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज का दौरा किया और 14 अगस्त को किश्तवाड़ में हुए बादल फटने (क्लाउडबर्स्ट) में घायल हुए लोगों से मुलाकात की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी घायलों की हालत अब खतरे से बाहर है और वे धीरे-धीरे स्वस्थ हो रहे हैं।
इस मौके पर उनके साथ केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा भी मौजूद रहे।
राजनाथ सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा,
“मैं यहाँ घायलों का हाल जानने आया हूँ। प्रधानमंत्री भी इस घटना को लेकर गंभीर हैं और उन्होंने भी मुझसे हालात की जानकारी लेने को कहा। मैं सीधे मौके पर जाना चाहता था, लेकिन खराब मौसम और भूस्खलन की वजह से रास्ता बंद होने के कारण वहाँ पहुँचना संभव नहीं हो सका। हालांकि मुझे राहत है कि सभी मरीज खतरे से बाहर हैं और सही तरीके से स्वस्थ हो रहे हैं।”
त्रासदी की पृष्ठभूमि
14 अगस्त को मचैल माता यात्रा के दौरान किश्तवाड़ जिले में आए क्लाउडबर्स्ट ने तबाही मचा दी थी। इस आपदा में 60 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग लापता हो गए। अचानक आई बाढ़ और मलबे ने व्यापक तबाही मचाई, जिसमें कई घर और ढांचे नष्ट हो गए।
एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआईएसएफ और स्थानीय प्रशासन लगातार राहत और बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं। यह प्रयास अब आठवें दिन भी जारी हैं।
एलजी मनोज सिन्हा का बयान
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी रविवार को जम्मू के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज जाकर घायलों से मुलाकात की। उन्होंने कहा,
“सभी मरीज स्थिर हैं। मैं कामना करता हूँ कि सभी जल्द स्वस्थ होकर अपने घर लौटें। यह घटना बेहद दुखद है, जिसमें कई निर्दोष लोगों ने अपनी जान गंवाई।”
उन्होंने राहत कार्यों में जुटी टीमों की सराहना की और बताया कि अब भी 32 लोग लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है।
निष्कर्ष
किश्तवाड़ की यह घटना न केवल जम्मू-कश्मीर बल्कि पूरे देश के लिए गहरा आघात है। सरकार और प्रशासन लगातार राहत और बचाव कार्यों में लगे हुए हैं। घायलों की हालत में सुधार राहत की बात है, लेकिन अब भी लापता लोगों को खोज निकालना और प्रभावित परिवारों को सहारा देना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।