
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में पुलिस ने एक बड़ी सफलता दर्ज की है। थाना कोतवाली नगर पुलिस, एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने मिलकर अंतर्राज्यीय शराब तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। यह उपलब्धि न केवल पुलिस की मुस्तैदी को दिखाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि कानून के खिलाफ चल रहे कारोबार को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
📦 बरामदगी का विवरण
छापेमारी के दौरान टीम ने कुल 128 पेटियों में भरी 4,968 अंग्रेजी शराब की बोतलें जब्त कीं। इसके साथ ही 34 फर्जी QR कोड भी पकड़े गए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब ₹15 लाख आंकी गई है। ये नकली कोड असली लाइसेंसधारी शराब जैसा दिखाने के लिए उपयोग किए जा रहे थे, जिससे साफ है कि यह गिरोह बड़े स्तर पर सक्रिय था।
👮 गिरफ्तार आरोपी और आगे की कार्रवाई
गिरफ्तार किए गए चारों तस्कर ऐसे नेटवर्क से जुड़े हैं, जो एक राज्य से दूसरे राज्य में शराब की सप्लाई करता था। पुलिस ने सभी आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें कोर्ट में पेश कर दिया है। इससे स्पष्ट है कि केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया पूरी कराकर सजा दिलाने की दिशा में भी सीतापुर पुलिस पूरी तरह गंभीर है।
🛡️ संयुक्त टीम की रणनीति
इस ऑपरेशन की सफलता में एसओजी और आबकारी विभाग की समन्वित भूमिका विशेष रूप से अहम रही। कई विभागों की एकजुटता ने यह साबित कर दिया कि अपराधियों के लिए बच निकलने की कोई गुंजाइश नहीं रहती। यह अभियान अवैध शराब कारोबारियों के लिए सीधा संदेश है कि कानून के शिकंजे से बचना असंभव है।
📢 जनता के लिए चेतावनी
सीतापुर पुलिस ने इस पूरे ऑपरेशन की जानकारी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से साझा की। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि ट्विटर जैसे प्लेटफॉर्म पर अपराध की सूचना न दें, क्योंकि इनकी निगरानी चौबीसों घंटे नहीं की जाती। आपात स्थिति में तुरंत 112 नंबर पर कॉल करना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।
✍️ निष्कर्ष
सीतापुर पुलिस की यह कार्रवाई कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में बेहद सराहनीय कदम है। अवैध शराब तस्करी जैसे संगठित अपराध पर लगाम लगाना न केवल युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए जरूरी है, बल्कि इससे समाज में शांति और भरोसे का माहौल भी कायम होता है। इस तरह की मुस्तैदी अपराधियों में भय पैदा करती है और आमजन के विश्वास को और मजबूत बनाती है।