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गाज़ा पर इज़राइल के हमले तेज़, उत्तरी इलाक़ों में ज़मीनी अभियान का विस्तार


तेल अवीव/गाज़ा, 25 अगस्त 2025
इज़राइल और गाज़ा के बीच संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है। ताज़ा घटनाक्रम में इज़राइली वायुसेना और ज़मीनी सेना ने गाज़ा शहर के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में भीषण हमले किए हैं। इन हमलों में कई इमारतें और घर तबाह हो गए, जबकि सेना ने नए सिरे से अपनी टुकड़ियों की तैनाती भी की है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, शनिवार रात से लेकर रविवार तक ज़ैतून और शेज़ाया इलाक़ों में ज़बरदस्त धमाके सुनाई दिए। टैंकों ने सबरा इलाक़े में सड़कों और घरों को निशाना बनाया, वहीं जबालिया कस्बे में कई ढांचे मलबे में तब्दील हो गए।

आईडीएफ की घोषणा

इज़राइल डिफेंस फोर्स (IDF) ने जानकारी दी कि 401वीं बख़्तरबंद ब्रिगेड को हाल ही में जबालिया में तैनात किया गया है, जहां उसने गिवाती इन्फैंट्री ब्रिगेड के साथ अभियान शुरू किया है। दोनों ब्रिगेड 162वें डिवीजन के अंतर्गत काम कर रही हैं और इन्हें हमास के नेटवर्क ध्वस्त करने तथा क्षेत्र में नियंत्रण मज़बूत करने का ज़िम्मा सौंपा गया है।

बड़े हमले की तैयारी

सेना के मुताबिक, इस कार्रवाई का मकसद नए इलाक़ों में प्रवेश कर हमास को फिर से पैठ बनाने से रोकना है। इज़राइली सेना ने साफ कहा है कि उसकी तैयारी गाज़ा सिटी पर पूर्ण नियंत्रण पाने के लिए बड़े पैमाने पर हमले की है। इसके लिए दसियों हज़ार रिज़र्व सैनिकों को 2 सितंबर तक रिपोर्ट करने के आदेश दिए गए हैं।

बढ़ती मानवीय त्रासदी

इस संघर्ष की सबसे बड़ी कीमत आम नागरिक चुका रहे हैं। रविवार को स्थानीय सूत्रों ने दावा किया कि गाज़ा सिटी के दक्षिण में एक सैन्य क्षेत्र में चार फ़िलिस्तीनी राहतकर्मियों को इज़राइली फौज ने मार गिराया, जो खाद्य सामग्री लेने जा रहे थे।
गाज़ा के हमास-नियंत्रित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अब तक 2,000 से अधिक फ़िलिस्तीनी मारे जा चुके हैं और 13,500 से अधिक घायल हैं। मंत्रालय ने यह भी बताया कि भूख और कुपोषण से मरने वालों की संख्या बढ़कर 289 तक पहुँच गई है।

इज़राइल का पक्ष

इज़राइल ने दावा किया है कि वह नागरिक हताहतों को कम से कम रखने की कोशिश कर रहा है। उसका कहना है कि हमास नागरिकों को ढाल की तरह इस्तेमाल करता है और घरों, अस्पतालों, मस्जिदों और स्कूलों से हमले करता है।


👉 यह संघर्ष केवल सैन्य टकराव नहीं, बल्कि एक गहरी मानवीय त्रासदी में बदलता जा रहा है। एक ओर इज़राइल सुरक्षा और नियंत्रण की बात कर रहा है, तो दूसरी ओर गाज़ा के आम नागरिक लगातार हिंसा और भूख के बीच जीवन बचाने की जद्दोजहद कर रहे हैं।


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