
मुज़फ्फरनगर पुलिस ने साइबर अपराध पर करारा प्रहार करते हुए फर्जीवाड़े के एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। नौकरी दिलाने के नाम पर भोले-भाले युवाओं से ठगी करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने धर दबोचा है।
👮 बरामद सामान
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्ज़े से भारी मात्रा में आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण जब्त किए। इनमें शामिल हैं:
- 03 लैपटॉप
- 20 मोबाइल फोन
- 09 सिम कार्ड
- 02 क्यूआर कोड
- 06 मोहर
- 04 फर्जी आईडी कार्ड
- 45 विज़िटिंग कार्ड
🕵️ ठगी का तरीका
आरोपी फर्जी कॉल सेंटर के ज़रिए युवाओं को फोन कर सरकारी और निजी संस्थानों में नौकरी दिलाने का झांसा देते थे। इसके बदले वे रजिस्ट्रेशन फीस या प्रोसेसिंग चार्ज के नाम पर मोटी रकम वसूलते थे। लाखों रुपये की ठगी का यह सिलसिला लंबे समय से चल रहा था, जिसे पुलिस ने अपनी सतर्कता और तत्परता से बेनकाब किया।
📢 पुलिस की सख्त चेतावनी
मुज़फ्फरनगर पुलिस ने साफ किया है कि ऐसे किसी भी तरह के धोखाधड़ी नेटवर्क को बख्शा नहीं जाएगा। “Zero Tolerance Against Fraudsters” की नीति के तहत लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि आम जनता को सुरक्षित रखा जा सके।
🌐 जनता से अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल या संदिग्ध नौकरी प्रस्ताव पर बिना जांचे-परखे भरोसा न करें। साथ ही किसी तरह की ठगी की जानकारी तुरंत पुलिस को दें ताकि अपराधियों पर शीघ्र कार्रवाई की जा सके।
👉 इस कार्रवाई से एक बार फिर साबित हुआ है कि उत्तर प्रदेश पुलिस साइबर अपराधियों और ठगों के खिलाफ चौकसी बरतते हुए दिन-रात जनता की सुरक्षा में तत्पर है।