
उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि धोखाधड़ी और कर चोरी करने वालों के खिलाफ “ज़ीरो टॉलरेंस” की नीति पर सख्ती से अमल किया जा रहा है।
मुज़फ्फरनगर पुलिस ने हाल ही में ऐसे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी फर्मों, फर्जी जीएसटी बिल और धर्मकांटे की नकली रसीदों का इस्तेमाल कर करोड़ों रुपए के राजस्व को नुकसान पहुंचा रहे थे। यह आरोपी ई-वे बिल तैयार करने और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जीएसटी चोरी में सक्रिय थे।
बरामदगी में चौंकाने वाले तथ्य
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री और उपकरण बरामद किए गए। इनमें शामिल हैं:
- जीएसटी से संबंधित 120 फाइलें
- 103 मुहरें
- 18 ट्रांसपोर्ट रसीदें
- धर्मकांटे की 250 ब्लैंक पर्चियां
- फर्जी बिल छापने के लिए प्रयुक्त उपकरण और अन्य कागज़ात
इन बरामदगी से यह साफ है कि आरोपी संगठित तरीके से फर्जी बिलिंग और टैक्स चोरी का नेटवर्क चला रहे थे।
पुलिस की सख्त कार्यवाही
पुलिस ने इन दोनों आरोपियों के खिलाफ ठोस सबूत जुटाए हैं और आगे की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे ताकि राज्य के राजस्व को हानि न पहुंचे और व्यापार व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।
जनता के लिए संदेश
यह कार्रवाई सिर्फ एक गिरोह पर शिकंजा कसने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संदेश भी है कि यूपी पुलिस हर तरह की धोखाधड़ी, कर चोरी और फर्जीवाड़े के खिलाफ सख्त है। इस तरह की गतिविधियों में लिप्त लोगों को यह समझ लेना चाहिए कि कानून से बचना नामुमकिन है।
✅ इस प्रकार मुज़फ्फरनगर पुलिस की यह कार्रवाई न केवल प्रशासनिक सफलता है, बल्कि समाज और अर्थव्यवस्था की सुरक्षा की दिशा में भी एक मजबूत कदम है।