
श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने ज़िम्बाब्वे दौरे के लिए 17 सदस्यीय टी20 टीम का ऐलान कर दिया है। इस चयन में सबसे बड़ी चर्चा का विषय रहा है टीम के स्टार ऑलराउंडर वानिंदु हसरंगा का बाहर होना, जो वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के निलंबन के कारण टीम का हिस्सा नहीं बन पाए हैं।
⚖️ निलंबन की वजह
जुलाई में बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज़ के दौरान हसरंगा ने अंपायरिंग को लेकर सार्वजनिक नाराज़गी जताई थी। उनके आचरण को अनुशासनहीन मानते हुए ICC ने निलंबन लगाया, जिसकी अवधि अब भी जारी है। नतीजतन, वे बांग्लादेश दौरे के बाद अब ज़िम्बाब्वे के खिलाफ भी टीम का हिस्सा नहीं हैं।
🔎 टीम चयन: अनुभव और नई ऊर्जा का संगम
श्रीलंका की चयन समिति ने इस बार टीम में वरिष्ठ खिलाड़ियों और युवा चेहरों का मिश्रण तैयार किया है। प्रमुख नामों में शामिल हैं—
- पाथुम निसांका
- कुसल मेंडिस
- दासुन शनाका
- कमिंदु मेंडिस
- चरिथ असलंका
- धनंजय डी सिल्वा
- महीश थीक्षणा
- मथीशा पथिराना
- दिलशान मदुशंका
इसके अलावा कुछ उभरते खिलाड़ियों को भी मौका दिया गया है, ताकि हसरंगा की अनुपस्थिति से गेंदबाजी में आई कमी को भरा जा सके।
📅 मैचों का कार्यक्रम
तीन मैचों की यह श्रृंखला 25 अगस्त 2025 से हरारे में शुरू होगी। ज़िम्बाब्वे की पिचें अक्सर बल्लेबाजों और स्पिनरों दोनों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित होती हैं। ऐसे हालात में श्रीलंका को अपनी योजनाओं में तेजी से बदलाव करने की ज़रूरत होगी।
🎯 हसरंगा की कमी का असर
हसरंगा टीम के लिए सिर्फ गेंदबाज नहीं, बल्कि मध्यक्रम में भरोसेमंद और आक्रामक बल्लेबाज भी रहे हैं। उनकी कमी से टीम का संतुलन प्रभावित होना स्वाभाविक है। फिर भी, यह अवसर युवाओं को खुद को साबित करने का मौका देगा और टीम नए विकल्प तलाश सकेगी।
🌐 निष्कर्ष
ज़िम्बाब्वे दौरा श्रीलंका के लिए सिर्फ एक और श्रृंखला नहीं, बल्कि टीम पुनर्निर्माण की प्रक्रिया का हिस्सा है। हसरंगा की अनुपस्थिति निश्चित ही चुनौती है, लेकिन यही स्थिति खिलाड़ियों को नई जिम्मेदारियां उठाने और अपनी क्षमता साबित करने का मौका भी देगी। अब देखना होगा कि यह बदली हुई श्रीलंकाई टीम अफ्रीकी सरज़मीं पर कितना दमखम दिखा पाती है।