
नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष समारोह में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने SCOPE एमिनेंस अवॉर्ड्स 2022-23 प्रदान किए। यह पुरस्कार उन सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) को दिए जाते हैं, जिन्होंने आर्थिक विकास, सामाजिक उत्थान और नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। यह अवसर केवल सम्मान का नहीं, बल्कि देश की प्रगति में सार्वजनिक क्षेत्र की महत्ता को रेखांकित करने वाला भी था।
🌟 राष्ट्रपति का दृष्टिकोण: राष्ट्र निर्माण में पीएसयू की अहम भूमिका
अपने संबोधन में राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र भारत की आत्मनिर्भरता की नींव है। उन्होंने इन्हें “विकास के स्तंभ” बताते हुए कहा कि चाहे ऊर्जा हो, संचार हो, परिवहन हो, रक्षा क्षेत्र हो या सामाजिक कल्याण—हर जगह इनकी भूमिका निर्णायक रही है। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में पारदर्शिता, नवाचार और सतत विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
🏆 SCOPE की पहल और नेतृत्व
Standing Conference of Public Enterprises (SCOPE) के अध्यक्ष के.पी. महादेवस्वामी ने कहा कि ये पुरस्कार केवल वित्तीय प्रदर्शन के आधार पर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी, पर्यावरण संरक्षण और कार्यस्थल में समान अवसर जैसी मानवीय मूल्यों पर भी आधारित हैं। इसने यह संदेश दिया कि सार्वजनिक क्षेत्र का असली मूल्य केवल लाभ में नहीं, बल्कि समाज और पर्यावरण में सकारात्मक योगदान में भी निहित है।
📈 सार्वजनिक क्षेत्र की नई दिशा
समारोह ने स्पष्ट किया कि भारत का सार्वजनिक क्षेत्र अब पारंपरिक ढांचे तक सीमित नहीं है। डिजिटल क्रांति, हरित ऊर्जा की पहल और वैश्विक साझेदारियों में इसकी उपस्थिति लगातार मज़बूत हो रही है। राष्ट्रपति ने विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि समावेशी विकास सुनिश्चित किया जा सके।
💬 समाज की प्रतिक्रिया और प्रेरणा
इस कार्यक्रम पर आम नागरिकों की प्रतिक्रियाएँ भी बेहद सकारात्मक रहीं। सोशल मीडिया पर एक टिप्पणी थी— “जब राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाली संस्थाओं को मान्यता मिलती है, तो पूरे समाज का मनोबल बढ़ता है।” यह दर्शाता है कि ऐसे आयोजन केवल संस्थानों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि जनमानस को भी प्रेरित करते हैं।
✨ यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि भारत अपने सार्वजनिक क्षेत्र पर विश्वास रखता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का संदेश एक मार्गदर्शन है—कि आने वाले समय में पीएसयू को नवाचार, उत्तरदायित्व और सेवा भाव के साथ आगे बढ़ना होगा।