
Uप्रस्तावना
7 अक्तूबर की भयावह घटना ने पूरे इज़राइल को गहरे शोक और सदमे में डाल दिया। उस दिन हुए हमलों ने न केवल सैकड़ों निर्दोष जिंदगियाँ निगल लीं, बल्कि अनेक नागरिक आतंकवादियों के कब्ज़े में चले गए। इन बंधकों में छोटे बच्चे, महिलाएँ और बुज़ुर्ग तक शामिल थे। इसी पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हाल ही में प्रभावित परिवारों से भेंट की। उनकी यह मुलाक़ात केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के दिल की धड़कनों का प्रतिनिधित्व थी।
नेतन्याहू का आश्वासन: विश्वास और धैर्य
बंधकों के परिजनों से संवाद करते हुए नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि यह समय उनके लिए भी गहन पीड़ा का है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि हर बंधक को सकुशल वापस लाना सरकार का सर्वोच्च कर्तव्य है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस दिशा में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी—चाहे राजनीतिक, कूटनीतिक या सैन्य प्रयास क्यों न करने पड़ें।
नेतन्याहू ने परिवारों से धैर्य और विश्वास बनाए रखने का आग्रह किया तथा यह दोहराया कि इस संघर्ष में पूरा राष्ट्र उनके साथ खड़ा है। उनका कहना था कि यह सिर्फ़ कुछ परिवारों की पीड़ा नहीं, बल्कि पूरे इज़राइल की सामूहिक कसौटी है।