
29 अगस्त 2025 को अमेरिका की प्रमुख राजनीतिक हस्ती और पूर्व स्पीकर नैंसी पेलोसी ने हरिकेन कैटरीना की 20वीं बरसी पर पीड़ितों और प्रभावित परिवारों को याद किया। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि, “20 साल पहले हरिकेन कैटरीना ने गल्फ कोस्ट को तबाह कर दिया था—हज़ारों परिवार उजड़ गए, घर ढह गए और समाज की गहरी असमानताएँ उजागर हुईं। आज हम उन ज़िंदगियों को याद करते हैं जिन्हें हमने खो दिया, बचे हुए लोगों का सम्मान करते हैं और उस समय की सीख को दोहराते हैं: संकट की घड़ी में सरकार को तैयार रहना चाहिए और किसी को पीछे नहीं छोड़ना चाहिए।”
कैटरीना: एक ऐतिहासिक त्रासदी
2005 में आए हरिकेन कैटरीना ने अमेरिका के गल्फ कोस्ट क्षेत्र, विशेषकर न्यू ऑरलियन्स, को गहरी चोट पहुँचाई थी। लाखों लोग बेघर हुए, हजारों की जान गई और राहत एवं बचाव कार्यों की धीमी गति को लेकर अमेरिकी सरकार की व्यापक आलोचना हुई। इस आपदा ने अमेरिकी प्रशासनिक ढांचे की कमजोरियों और सामाजिक-आर्थिक असमानताओं को स्पष्ट कर दिया।
पेलोसी का दृष्टिकोण
नैंसी पेलोसी ने अपने वक्तव्य में यह संदेश दिया कि बीते 20 वर्षों के अनुभव से सरकारों को यह सीख लेनी चाहिए कि प्राकृतिक आपदाओं और मानवीय संकटों के समय त्वरित और प्रभावी कार्रवाई अनिवार्य है। उनका संदेश सिर्फ एक स्मरण नहीं था, बल्कि आने वाली पीढ़ियों और नीतिनिर्माताओं के लिए चेतावनी भी था कि “किसी भी नागरिक को संकट की घड़ी में अकेला नहीं छोड़ा जाना चाहिए।”
राजनीतिक प्रतिक्रिया और विवाद
हालाँकि पेलोसी का यह संदेश मानवीय संवेदना पर आधारित था, लेकिन सोशल मीडिया पर इस पर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएँ सामने आईं। कुछ लोगों ने उनके बयान का समर्थन किया, वहीं कई आलोचकों ने इसे राजनीतिक दिखावा बताया। कुछ व्यंग्यात्मक और विवादित टिप्पणियाँ भी की गईं, जो इस बात का संकेत देती हैं कि अमेरिका में प्राकृतिक आपदाओं को लेकर भी राजनीतिक मतभेद गहरे हैं।
निष्कर्ष
हरिकेन कैटरीना केवल एक प्राकृतिक आपदा नहीं थी, बल्कि उसने यह सिखाया कि जब प्रशासन तैयार नहीं होता तो आम जनता को कितनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है। नैंसी पेलोसी का संदेश हमें यह याद दिलाता है कि आपदा प्रबंधन में सक्रियता, संवेदनशीलता और समानता बेहद ज़रूरी है।