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🐦 काजीरंगा का पक्षी सर्वेक्षण: संवेदना और शोध का अद्भुत संगम


भारत की जैव विविधता को संरक्षित रखने की दिशा में काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान ने हाल ही में एक ऐतिहासिक कदम उठाया। यहाँ किए गए विशेष पक्षी सर्वेक्षण ने न केवल वैज्ञानिक समुदाय को नई जानकारी दी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को समाज तक पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम भी बना। इस पहल की सराहना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” में करते हुए इसे देशभर के लिए प्रेरणादायी बताया।

🌿 क्यों है काजीरंगा खास

असम स्थित काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान को विश्व धरोहर स्थल का दर्जा प्राप्त है। यह मुख्य रूप से एक-सींग वाले गैंडे के लिए प्रसिद्ध रहा है, लेकिन हालिया सर्वेक्षण ने यह साबित कर दिया कि यह क्षेत्र पक्षियों की विविधता के लिए भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इस सर्वेक्षण का नेतृत्व उद्यान की फील्ड डायरेक्टर सोनाली घोष ने किया, जिन्होंने वैज्ञानिक दृष्टि और स्थानीय सहयोग को एक साथ जोड़ने का कार्य किया।

🔬 आधुनिक तकनीक और जनभागीदारी

सर्वेक्षण के दौरान GPS लोकेशन, ध्वनि रिकॉर्डिंग और उच्च गुणवत्ता वाली फोटोग्राफी जैसी तकनीकों का उपयोग किया गया। खास बात यह रही कि इसमें स्थानीय ग्रामीणों, विद्यार्थियों और पक्षी-विशेषज्ञों को भी प्रशिक्षण देकर सक्रिय भागीदारी कराई गई। इसने संरक्षण को केवल सरकारी कार्य नहीं रहने दिया, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी का रूप दे दिया।

📢 प्रधानमंत्री का संदेश

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह पहल “विज्ञान और संवेदनशीलता का जीवंत उदाहरण” है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जैव विविधता की रक्षा तभी संभव है, जब लोग स्वयं को प्रकृति का साझेदार समझकर संरक्षण के प्रयासों में शामिल हों।

🕊️ मुख्य उपलब्धियाँ

इस अध्ययन के दौरान सैकड़ों पक्षी प्रजातियों का रिकॉर्ड तैयार हुआ, जिनमें कई दुर्लभ और संकटग्रस्त प्रजातियाँ भी सम्मिलित थीं। इन निष्कर्षों से काजीरंगा की पारिस्थितिकी को समझने में गहराई आई और भविष्य की संरक्षण योजनाओं को सशक्त आधार मिला।

🌍 राष्ट्र के लिए संदेश

काजीरंगा का यह प्रयोग दर्शाता है कि जब सरकार, वैज्ञानिक और समाज एक साथ आगे बढ़ते हैं, तो पर्यावरण संरक्षण केवल नीति नहीं रह जाता, बल्कि जीवनशैली और सांस्कृतिक चेतना का हिस्सा बन जाता है। यह पहल निश्चित रूप से भारत के अन्य संरक्षित क्षेत्रों के लिए भी अनुकरणीय उदाहरण है।


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