HIT AND HOT NEWS

रूस के हमले और ज़ेलेंस्की की चेतावनी: विश्व दबाव की आवश्यकता


यूक्रेन और रूस के बीच जारी संघर्ष एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय बहस का केंद्र बन गया है। हाल ही में रूस द्वारा किए गए दो बड़े हमलों ने न केवल यूक्रेन बल्कि पूरी दुनिया को झकझोर दिया है। इन हमलों को यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने “निरंकुश और निर्भीक कार्रवाई” करार दिया है। उनका कहना है कि यह घटनाएं स्पष्ट संकेत देती हैं कि यदि दुनिया रूस पर दबाव नहीं बनाएगी तो युद्ध कभी समाप्त नहीं होगा।

ज़ेलेंस्की ने विशेष रूप से अमेरिका, यूरोप और उन देशों के नेताओं का उल्लेख किया है जो वर्तमान समय में चीन में बैठकें कर रहे हैं और जल्द ही रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलेंगे। उन्होंने आशंका जताई कि इन बैठकों में “युद्धविराम” या “कूटनीतिक तैयारियों” का मुद्दा उठाया जा सकता है।

राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की का आरोप है कि पुतिन केवल नेताओं को छलने और अपने पक्ष में करने की रणनीति अपना रहे हैं। उनका मानना है कि रूस का एकमात्र उद्देश्य प्रतिबंधों (Sanctions) से बचना है, और वह किसी भी वास्तविक शांति प्रक्रिया में रुचि नहीं रखता।

ज़ेलेंस्की ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि रूस पर सामूहिक दबाव बनाना ही युद्ध समाप्त करने का एकमात्र रास्ता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल शब्दों से नहीं, बल्कि ठोस कदमों और एकजुट प्रयासों से ही शांति स्थापित की जा सकती है।


👉 निष्कर्ष
रूस-यूक्रेन युद्ध अब केवल दो देशों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। ऊर्जा संकट, खाद्य आपूर्ति और वैश्विक सुरक्षा जैसे मुद्दे इससे गहराई से जुड़े हुए हैं। ऐसे में ज़ेलेंस्की का संदेश सिर्फ यूक्रेन की पुकार नहीं, बल्कि एक वैश्विक चेतावनी है कि अगर आक्रामकता पर अंकुश नहीं लगाया गया तो शांति की संभावना लगातार दूर होती जाएगी।


Exit mobile version