
उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अपराध और अवैध कारोबार के खिलाफ उसकी नीति “शून्य सहिष्णुता” की है। लखनऊ में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो अवैध रूप से ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की तस्करी कर रहा था। इस कार्रवाई में पुलिस ने गिरोह के चार सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
बरामदगी का विवरण
गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 20 गैलन 5 लीटर और 39 बोरियां ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन बरामद किए। बरामद माल की अनुमानित कीमत लगभग 2 करोड़ रुपये आंकी गई है।
ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन और खतरे
ऑक्सीटोसिन का उपयोग सामान्यत: प्रसव के दौरान गर्भवती महिलाओं को दिया जाता है, लेकिन इसका गलत और अनियंत्रित प्रयोग गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। पशुपालन में दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए भी इसका अवैध रूप से प्रयोग होता है, जो न केवल पशुओं बल्कि दूध उपभोक्ताओं के लिए भी हानिकारक है। इसी वजह से भारत में इसके उपयोग और वितरण पर सख्त नियंत्रण लगाया गया है।
पुलिस की सफलता और संदेश
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई एक बड़े नेटवर्क को खत्म करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। STF लगातार ऐसे गिरोहों पर निगरानी रखे हुए है, जो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अवैध दवाओं और इंजेक्शनों की तस्करी में संलिप्त हैं।
नतीजा
यह सफलता न सिर्फ यूपी पुलिस की सतर्कता का उदाहरण है बल्कि समाज को यह संदेश भी देती है कि किसी भी तरह का अवैध धंधा बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि जनता की सुरक्षा और स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।
👉 यह घटना दिखाती है कि यदि कानून-व्यवस्था सख्ती से काम करे, तो समाज को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी नेटवर्क का अंत निश्चित है।