
उत्तर प्रदेश पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय है। बरेली ज़िले में राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत धोखाधड़ी करने वाले एक आरोपी को पुलिस ने 30 अगस्त 2023 को दबोच लिया। इस कार्रवाई की जानकारी पुलिस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंच पर साझा करते हुए पारदर्शिता का परिचय दिया।
🔎 मामला कैसे सामने आया?
राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना का उद्देश्य उन गरीब परिवारों को सहारा देना है, जिनके कमाने वाले सदस्य की मृत्यु हो जाती है। लेकिन बरेली के आरोपी ने इस योजना के दस्तावेज़ों में जालसाज़ी और हेरफेर करके अनुचित लाभ उठाने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि आरोपी ने योजना R03 से संबंधित कागज़ात में गड़बड़ी की थी।
👮♂️ जांच और गिरफ्तारी की पूरी प्रक्रिया
- शिकायत दर्ज होने के बाद EOW ने मामले की पड़ताल शुरू की।
- संदिग्ध बैंक लेन-देन और डिजिटल दस्तावेज़ों को बारीकी से खंगाला गया।
- जुटाए गए सबूतों के आधार पर आरोपी की पहचान सुनिश्चित की गई।
- योजनाबद्ध कार्रवाई के तहत उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी के दौरान साझा की गई तस्वीरों में पुलिस के साथ दो अन्य नागरिक भी मौजूद दिखे, जिनमें से एक को मुख्य आरोपी माना गया।
🚨 यूपी पुलिस का कड़ा संदेश
इस ऑपरेशन को पुलिस ने अपने सिद्धांत “Zero Tolerance Against Fraudsters” के तहत अंजाम दिया। पुलिस ने साफ शब्दों में कहा—
➡️ सरकारी योजनाओं का गलत इस्तेमाल करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
➡️ ऐसे मामलों में तेज़ और सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
यह सख्ती न सिर्फ़ कानून-व्यवस्था को मजबूत करती है, बल्कि लोगों का पुलिस पर भरोसा भी और गहरा बनाती है।
📢 समाज के लिए सबक
यह घटना केवल एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि समाज को चेतावनी है कि—
- कल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंदों के लिए हैं, इनका दुरुपयोग करना असली हकदारों का हक छीनना है।
- जो लोग धोखाधड़ी करेंगे, उन्हें कानून का सामना करना पड़ेगा।
✍️ निष्कर्ष
बरेली का यह मामला साबित करता है कि उत्तर प्रदेश पुलिस और उसकी आर्थिक अपराध शाखा जनता के हितों की रक्षा के लिए सजग है। सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और ईमानदारी बनाए रखना ही उनका संकल्प है। इस गिरफ्तारी ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े के लिए प्रदेश में कोई जगह नहीं है।