
अफ़ग़ानिस्तान हाल ही में आए विनाशकारी भूकंप से गहरे दुख और त्रासदी का सामना कर रहा है। इस प्राकृतिक आपदा ने न केवल सैकड़ों लोगों की जान ले ली, बल्कि हज़ारों परिवारों को बेघर और बेसहारा कर दिया। पीड़ितों की इस पीड़ा को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने गहरी संवेदना व्यक्त की और दुनिया से अफ़ग़ान नागरिकों के साथ खड़े होने की अपील की।
अपने संदेश में गुटेरेस ने कहा कि प्रभावित परिवारों के दुख को साझा करना और उन्हें हर संभव मदद पहुँचाना अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ज़िम्मेदारी है। उन्होंने मृतकों के प्रति शोक संवेदना प्रकट की, घायल लोगों के स्वास्थ्य लाभ की कामना की और शोकाकुल परिवारों को धैर्य बनाए रखने का संदेश दिया।
महासचिव ने यह भी आश्वासन दिया कि संयुक्त राष्ट्र की राहत टीमें प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय रूप से सहायता पहुँचा रही हैं। भोजन, दवाइयाँ, आश्रय और तात्कालिक ज़रूरतों को पूरा करने के लिए प्राथमिक स्तर पर काम किया जा रहा है।
यह बयान सिर्फ़ संवेदना नहीं, बल्कि एक गहरा मानवीय संदेश है कि आपदा की घड़ी में अंतरराष्ट्रीय सहयोग और एकजुटता कितनी आवश्यक होती है। प्राकृतिक आपदाएँ सीमाओं से परे जाकर पूरी मानवता की परीक्षा लेती हैं, और ऐसे समय में सामूहिक सहयोग ही पीड़ितों को राहत और उम्मीद दे सकता है।
अफ़ग़ानिस्तान की जनता लंबे समय से संघर्ष, अस्थिरता और आपदाओं का सामना कर रही है। आज उन्हें केवल संवेदनाओं की नहीं, बल्कि ठोस और वास्तविक सहयोग की आवश्यकता है ताकि वे अपने जीवन का पुनर्निर्माण कर सकें और भविष्य की ओर आशा के साथ बढ़ सकें।