
अमेरिका में लेबर डे को श्रमिकों के योगदान और उनके अधिकारों को सम्मानित करने के रूप में मनाया जाता है। यह दिन केवल एक अवकाश नहीं, बल्कि उन तमाम मेहनतकश लोगों के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर है, जिन्होंने अपने परिश्रम और समर्पण से देश की प्रगति को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है।
हाल ही में अमेरिकी प्रशासन और नेताओं ने इस अवसर पर श्रमिकों के महत्व को उजागर करते हुए संदेश साझा किए। अमेरिकी विदेश विभाग ने अपने संदेश में कहा कि सरकार की हर नीति का उद्देश्य अमेरिकी श्रमिकों को सशक्त बनाना और उन्हें प्राथमिकता देना है। इसी क्रम में वरिष्ठ नेता मार्को रुबियो ने भी ट्वीट कर गर्व व्यक्त किया कि वे ऐसे प्रशासन का हिस्सा हैं जो अमेरिकी श्रमिकों के हितों को सर्वोच्च स्थान देता है। उन्होंने इसे देश के इतिहास का सबसे “प्रो-अमेरिकन वर्कर” प्रशासन बताया और सभी को लेबर डे की शुभकामनाएँ दीं।
लेबर डे जैसे अवसर सरकार और समाज दोनों को यह याद दिलाते हैं कि आर्थिक विकास की असली रीढ़ श्रमिक ही हैं। चाहे वह उद्योग, कृषि, सेवा क्षेत्र हो या तकनीकी विकास—हर जगह श्रमिकों की भूमिका अपरिहार्य है। ऐसे में यह आवश्यक है कि नीतियाँ केवल विकास को ही नहीं, बल्कि श्रमिक वर्ग की भलाई और सम्मान को भी केंद्र में रखें।
आज के दौर में जब वैश्विक प्रतिस्पर्धा और तकनीकी परिवर्तन तेजी से हो रहे हैं, श्रमिकों की सुरक्षा, न्यायसंगत वेतन और कार्यस्थल पर गरिमा जैसे मुद्दे और भी अहम हो जाते हैं। लेबर डे इन चुनौतियों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए हमें यह संकल्प लेने का अवसर देता है कि मेहनतकश वर्ग के बिना कोई भी राष्ट्र सशक्त नहीं हो सकता।