
इटली की अर्थव्यवस्था के लिए जुलाई 2025 एक मील का पत्थर साबित हुआ है। राष्ट्रीय सांख्यिकी संस्थान ISTAT की ताज़ा रिपोर्ट बताती है कि इस दौरान देश की रोज़गार दर 62.8% तक पहुँच गई, जबकि बेरोज़गारी दर घटकर 6% रह गई। ये आँकड़े न केवल आर्थिक सुदृढ़ता का प्रमाण हैं, बल्कि सरकार की श्रम नीतियों की सफलता को भी उजागर करते हैं।
📊 स्थायी नौकरियों में अभूतपूर्व बढ़ोतरी
पिछले वर्ष जुलाई 2024 की तुलना में इस वर्ष 2.18 लाख नए रोजगार जुड़े। सबसे उल्लेखनीय तथ्य यह है कि इनमें अधिकतर नियुक्तियाँ स्थायी अनुबंध पर हुईं। इसका अर्थ है कि अब कामगारों को अल्पकालिक और अस्थिर नौकरियों के बजाय दीर्घकालिक सुरक्षा और स्थायित्व प्राप्त हो रहा है। यह बदलाव इटली को एक मजबूत और समावेशी श्रम बाज़ार की ओर ले जा रहा है।
🏛️ सरकार की नीतियाँ और मेलोनी का नेतृत्व
प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने इन उपलब्धियों को साझा करते हुए कहा कि यह सब उनकी सरकार की सुधारवादी नीतियों का प्रत्यक्ष परिणाम है। उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार आगे भी रोजगार सृजन और अवसरों के विस्तार के लिए काम करती रहेगी।
मेलोनी प्रशासन ने हाल के महीनों में कई कदम उठाए हैं—
- कर रियायतें
- युवाओं के लिए विशेष रोजगार योजनाएँ
- महिला श्रमिकों को प्रोत्साहन
इन पहलों का उद्देश्य सिर्फ़ रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना भी है।
🌍 यूरोप में इटली की नई पहचान
इन सकारात्मक संकेतों के बाद इटली यूरोपीय संघ में एक ऐसा देश बनकर उभरा है, जो मज़बूत श्रम बाज़ार का उदाहरण पेश कर रहा है। स्थायी नौकरियों में यह उछाल घरेलू स्थिरता को बढ़ाता है और साथ ही अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए भी इटली को आकर्षक बनाता है।
🔎 निष्कर्ष
इटली में रोज़गार क्षेत्र में आई यह तरक्की केवल आँकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन की गवाही भी देती है। स्थायी रोजगार से कामगारों को सम्मान, सुरक्षा और उज्ज्वल भविष्य की गारंटी मिल रही है। यदि यह रुझान जारी रहता है, तो आने वाले समय में इटली यूरोप की आर्थिक शक्ति का प्रमुख स्तंभ बन सकता है।