
लखनऊ, 3 सितंबर 2025 — उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य को अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए सबसे आकर्षक गंतव्य बनाने की दिशा में एक नया अभियान शुरू किया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य विदेशी कंपनियों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए प्रोत्साहित करना और राज्य को औद्योगिक विकास का प्रमुख केंद्र बनाना है।
अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की बढ़ती दिलचस्पी
सरकार “चाइना +1” नीति के तहत अब तक 200 से अधिक विदेशी कंपनियों से बातचीत कर चुकी है। इनमें अमेरिका, जापान, जर्मनी, फ्रांस और स्विट्ज़रलैंड की कंपनियाँ शामिल हैं। अकेले अमेरिका और जर्मनी की लगभग 60 कंपनियाँ उत्तर प्रदेश में निवेश को लेकर गंभीर रुचि दिखा रही हैं।
निवेश आकर्षित करने की रणनीति
विदेशी निवेश को आसान बनाने के लिए राज्य सरकार ने भारतीय दूतावासों, व्यापार संगठनों और वैश्विक संस्थानों से साझेदारी की है। इसके साथ ही निवेशकों के लिए विशेष डेस्क और टीम तैयार की गई हैं, जिससे प्रक्रिया तेज़ और पारदर्शी हो।
अब तक की उपलब्धियाँ
- 574 परियोजनाओं में से 70 कंपनियाँ पहले से कार्यरत हैं।
- 11 कंपनियाँ नई परियोजनाओं पर काम शुरू कर चुकी हैं।
- 20 कंपनियाँ सीधे सरकार से समझौते (MoU) कर चुकी हैं।
- 473 कंपनियों के साथ लगातार संवाद जारी है।
निवेशकों के लिए नई पहल
निवेशकों की सुविधा के लिए 814 कंपनियों को समर्पित अकाउंट मैनेजर दिए गए हैं। इनमें Fortune 500 और India Next 500 की कंपनियाँ भी शामिल हैं। दूरसंचार, बीमा, पेट्रोकेमिकल, बैंकिंग और खुदरा क्षेत्र में विशेष रुचि देखने को मिल रही है।
भविष्य की संभावनाएँ
यह अभियान न केवल उत्तर प्रदेश को आर्थिक रूप से मज़बूत करेगा, बल्कि भारत को भी वैश्विक निवेश मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगा। यदि यह योजना सफल होती है, तो आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश एशिया का सबसे बड़ा निवेश हब बन सकता है।