
आज की वैश्विक राजनीति अस्थिरता और टकराव के दौर से गुजर रही है। इस परिस्थिति में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की द्वारा प्रस्तुत “Coalition of the Willing” पहल विश्व मंच पर एक ऐतिहासिक कदम के रूप में देखी जा रही है। यह केवल सैन्य सहयोग भर नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और वैश्विक सुरक्षा के लिए साझा प्रयास का नया आयाम है।
🤝 पहल की आधारशिला
यह गठबंधन पारंपरिक सैन्य समझौतों से अलग है। यह उन देशों का स्वैच्छिक संगठन है जो यूक्रेन की स्वतंत्रता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा हेतु आगे आने को तैयार हैं। यह सोच दर्शाती है कि जब लोकतंत्र पर संकट गहराता है, तब राष्ट्र स्वेच्छा से एकजुट होकर साझा जिम्मेदारी निभा सकते हैं।
🛡️ सुरक्षा सहयोग की प्रमुख योजनाएँ
बैठक में केवल वादों तक सीमित न रहते हुए ठोस कदमों की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। इसमें मुख्यतः शामिल हैं –
- आधुनिक हथियारों और मिसाइल रोधी प्रणाली की आपूर्ति
- यूक्रेनी सैनिकों के लिए विशेष सैन्य प्रशिक्षण और रणनीतिक सहयोग
- साइबर सुरक्षा और तकनीकी ढांचे को मजबूत करने की योजना
- युद्धोत्तर पुनर्निर्माण तथा मानवीय सहायता हेतु वित्तीय सहयोग
इन प्रावधानों से स्पष्ट होता है कि यह पहल तात्कालिक रक्षा ही नहीं, बल्कि दीर्घकालिक शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने का साधन भी है।
🇫🇷 फ्रांस की भूमिका : प्रतीकात्मक से परे वास्तविक सहयोग
इस सम्मेलन की मेज़बानी फ्रांस ने की। राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की को दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि यूरोपीय एकजुटता और लोकतंत्र की रक्षा के संकल्प का स्पष्ट संदेश था। फ्रांस की सक्रियता ने यह भी दर्शाया कि यूरोप यूक्रेन की सुरक्षा को अपना दायित्व मानता है।
🌍 बहुपक्षीय सहयोग का संकेत
इस पहल में अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, पोलैंड, जापान समेत कई प्रमुख राष्ट्र शामिल हुए। यह तथ्य दर्शाता है कि यूक्रेन का संघर्ष केवल क्षेत्रीय विवाद नहीं, बल्कि विश्व शांति और स्थिरता का मुद्दा है। इन देशों का समर्थन सैन्य शक्ति से परे राजनीतिक, आर्थिक और मानवीय दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
🔎 निष्कर्ष : अंतरराष्ट्रीय सहयोग का नया अध्याय
“Coalition of the Willing” केवल यूक्रेन की सुरक्षा कवच नहीं है, बल्कि यह भविष्य की अंतरराष्ट्रीय साझेदारी का एक मॉडल भी है। यह पहल दुनिया को यह संदेश देती है कि जब लोकतंत्र पर संकट आता है, तो राष्ट्र सीमाओं से परे जाकर एकजुट हो सकते हैं। यह गठबंधन वैश्विक सुरक्षा व्यवस्था में एक नया अध्याय लिखने की क्षमता रखता है।