
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने एक महत्वपूर्ण बयान जारी करते हुए कहा है कि यूक्रेन में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बेहद आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि “Coalition of the Willing” यानी इच्छुक देशों का समूह इस दिशा में निर्णायक भूमिका निभा रहा है।
तीन स्तंभों पर आधारित शांति रणनीति
उनके अनुसार, यूक्रेन को दी जाने वाली सुरक्षा गारंटी तीन प्रमुख स्तंभों पर आधारित है:
- यूक्रेन की मजबूत सेना – सबसे पहली सुरक्षा गारंटी है कि यूक्रेन के पास इतनी सामरिक और सैन्य शक्ति हो, जिससे वह स्वयं की रक्षा कर सके।
- अमेरिकी समर्थन वाली आश्वासन सेनाएँ – दूसरा स्तंभ है अमेरिका का सहयोग, जिसके माध्यम से यूक्रेन को रक्षा संबंधी संसाधन और समर्थन प्राप्त होगा।
- मजबूत यूरोपीय रक्षा व्यवस्था – तीसरा पहलू है यूरोप की सामूहिक और मज़बूत रक्षा नीति, जिससे महाद्वीप में स्थिरता और संतुलन बना रहे।
यूरोप की एकजुटता और भविष्य की दिशा
वॉन डेर लेयेन ने यह भी रेखांकित किया कि केवल सैन्य ताक़त ही नहीं, बल्कि राजनीतिक इच्छाशक्ति और सहयोग भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यूरोप को एक मजबूत रक्षा ढाँचा अपनाना होगा, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अस्थिरता को रोका जा सके।
शांति ही अंतिम लक्ष्य
हालाँकि उनके बयान का मूल संदेश स्पष्ट था – हम युद्ध नहीं, बल्कि शांति चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि यूक्रेन की संप्रभुता और सुरक्षा की गारंटी ही यूरोप की स्थिरता का आधार है, और इसी सोच के साथ अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को मज़बूत किया जा रहा है।
👉 यह बयान ऐसे समय आया है जब यूक्रेन संकट वैश्विक राजनीति का केंद्र बना हुआ है। वॉन डेर लेयेन का संदेश साफ है – स्थायी शांति केवल मज़बूत सहयोग और सामूहिक रक्षा रणनीति से ही संभव है।