
भारत में वस्तु एवं सेवा कर (GST) को लागू हुए कई वर्ष हो चुके हैं। इसे कर व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव माना गया था। अब सरकार ने NextGenGST सुधार के रूप में एक नया अध्याय जोड़ा है। इसका उद्देश्य केवल राजस्व बढ़ाना नहीं, बल्कि कर प्रणाली को पारदर्शी, सरल और आम जनता के लिए अधिक उपयोगी बनाना है।
🔹 शून्य जीएसटी (Zero GST) वाली वस्तुएं
नई व्यवस्था के अंतर्गत कुछ आवश्यक वस्तुएं और सेवाएं शून्य कर के दायरे में लाई गई हैं, ताकि आम उपभोक्ता को सीधी राहत मिल सके। इनमें प्रमुख हैं:
- दैनिक जीवन के अनाज व दालें
- ज़रूरी दवाइयां और वैक्सीन
- शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी मूलभूत सेवाएं
- गरीब एवं मध्यम वर्ग की बुनियादी जरूरतों की वस्तुएं
इस कदम से महंगाई का बोझ कम होगा और लोगों की क्रयशक्ति में सुधार आएगा।
🔹 उपभोक्ताओं को लाभ
- रोज़मर्रा की चीजें सस्ती मिलेंगी।
- मध्यम और निम्न वर्ग की आर्थिक स्थिति में राहत आएगी।
- टैक्स चोरी की संभावना घटेगी, जिससे व्यवस्था पारदर्शी होगी।
- डिजिटल भुगतान और ई-इनवॉयसिंग से लेन-देन आसान होगा।
🔹 व्यापार और सरकार पर असर
- कारोबारियों को कर संरचना में सरलता का लाभ मिलेगा।
- तकनीकी माध्यमों से टैक्स फाइलिंग तेज़ और झंझट-मुक्त होगी।
- सरकार को स्थिर और पारदर्शी राजस्व प्राप्त होगा।
- अर्थव्यवस्था में भरोसा और स्थिरता बढ़ेगी।
🔹 निष्कर्ष
NextGenGST सुधार केवल कर व्यवस्था में तकनीकी बदलाव नहीं है, बल्कि यह सामाजिक न्याय और आर्थिक समानता की दिशा में भी एक ठोस कदम है। शून्य जीएसटी वाली वस्तुओं का प्रावधान गरीब और मध्यम वर्ग को राहत देते हुए देश की अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगा।