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🇮🇳🤝🇫🇷 भारत-फ्रांस संवाद: यूक्रेन में स्थायी शांति की ओर एक कदम


हाल ही में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच हुई बातचीत ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति को नई दिशा दी है। दोनों नेताओं ने यूक्रेन संकट पर गहन विचार-विमर्श किया और इस बात पर सहमति जताई कि शांति स्थापित करने का एकमात्र रास्ता संवाद है, युद्ध नहीं।

🌍 साझा दृष्टिकोण

भारत और फ्रांस दशकों से रणनीतिक साझेदार रहे हैं। रक्षा, ऊर्जा और वैश्विक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग के बाद अब दोनों देशों का ध्यान यूक्रेन संकट पर केंद्रित हुआ है। मोदी का यह दोहराना कि “यह समय युद्ध का नहीं, बल्कि मानवता और संवाद का है”, फ्रांस के रुख से पूरी तरह मेल खाता है।

🕊️ शांति की राह

मैक्रों ने प्रधानमंत्री मोदी को पेरिस में हाल ही में हुई उस बैठक के निष्कर्ष बताए, जिसमें यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की और “कोएलिशन ऑफ द विलिंग” देशों ने भाग लिया। इस चर्चा का उद्देश्य केवल युद्धविराम नहीं, बल्कि ऐसा समाधान खोजना था जो न्यायसंगत हो और यूक्रेन की संप्रभुता की रक्षा करे।

🔑 प्रमुख बिंदु

✨ निष्कर्ष

भारत और फ्रांस की यह साझेदारी सिर्फ दो देशों के बीच का सहयोग नहीं है, बल्कि यह पूरी दुनिया के लिए संदेश है कि स्थायी शांति तब ही संभव है जब शक्तिशाली राष्ट्र मिलकर कूटनीतिक रास्ता अपनाएँ। यह वार्ता आने वाले समय में यूक्रेन संकट की दिशा तय करने में निर्णायक साबित हो सकती है।


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