
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मध्य-पूर्व संकट पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए हमास को अंतिम अल्टीमेटम दिया है। अपने बयान में उन्होंने साफ कहा कि अब या तो संगठन शांति समझौते पर हस्ताक्षर करे, अन्यथा उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
✍️ शांति समझौते की अहमियत
ट्रम्प ने इस प्रस्ताव को सिर्फ कागज़ी समझौता नहीं, बल्कि क्षेत्र में स्थिरता और मानवता के लिए एक आवश्यक कदम बताया। उनके अनुसार, इस समझौते से न केवल युद्धविराम संभव होगा बल्कि बंधकों की सुरक्षित वापसी और आम नागरिकों के लिए राहत का रास्ता भी खुलेगा।
🇮🇱 इज़राइल की सहमति और जिम्मेदारी हमास पर
राष्ट्रपति ट्रम्प ने ज़ोर देकर कहा कि इज़राइल पहले ही इस प्रस्ताव पर सहमति दे चुका है। ऐसे में अब निर्णय पूरी तरह हमास पर निर्भर है। अगर संगठन इस मौके को गंवाता है, तो आने वाले हालात और अधिक तनावपूर्ण हो सकते हैं।
⚠️ कड़ा संदेश, सीमित समय
अपने संबोधन में ट्रम्प ने चेताया कि अब समय बहुत सीमित है। यदि हमास ने सकारात्मक रुख नहीं अपनाया, तो उसे ऐसे परिणाम झेलने होंगे जो उसकी स्थिति को और कमजोर कर देंगे।
🌍 अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें
यह चेतावनी सिर्फ हमास के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक संकेत है कि अमेरिका अब निष्क्रिय नहीं रहेगा। वैश्विक समुदाय की नज़रें इस पर टिकी हैं कि क्या यह प्रस्ताव मध्य-पूर्व में स्थायी शांति का रास्ता बनाएगा या हालात और बिगड़ेंगे।