
मास्को की बमबारी के बीच पेरिस का पैगाम
यूक्रेन पर रूस के ताज़ा हवाई हमले ने यूरोप को फिर हिला दिया। सैकड़ों ड्रोन और मिसाइलों से की गई इस कार्रवाई में सरकारी इमारतों, ऊर्जा ढाँचों और रिहायशी इलाकों को भारी नुकसान पहुँचा। आम नागरिकों की मौत और घायल होने की खबरों ने इस संकट को और गहरा कर दिया।
मैक्रों का स्पष्ट संदेश
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया देते हुए कहा —
“यूक्रेन कभी अकेला नहीं रहेगा। फ्रांस और हमारे सहयोगी हर हाल में कीव के साथ खड़े रहेंगे।”
उन्होंने चेतावनी दी कि यह हमला केवल एक देश पर नहीं, बल्कि पूरे यूरोप की स्थिरता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है।
यूरोपीय सहयोग की पुकार
मैक्रों ने यूरोपीय संघ और नाटो से और मज़बूत एकजुटता की अपील की।
- सैन्य और तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर ज़ोर
- एंटी-ड्रोन और मिसाइल रक्षा प्रणाली की तैनाती का सुझाव
- मानवीय सहायता को और तेज़ करने का आश्वासन
उनका कहना था कि “रूस की यह नीति केवल युद्ध नहीं, बल्कि डर और अस्थिरता फैलाने का प्रयास है, जिसका संयुक्त रूप से जवाब देना होगा।”
निष्कर्ष
मैक्रों का रुख साफ़ करता है कि फ्रांस अब केवल शब्दों से नहीं, बल्कि ठोस रणनीतिक और मानवीय कदमों से यूक्रेन का समर्थन करेगा। यह भी स्पष्ट संदेश है कि पश्चिमी राष्ट्र पीछे हटने वाले नहीं हैं।
यूक्रेन की सुरक्षा अब पूरे यूरोप की सामूहिक ज़िम्मेदारी बन चुकी है।