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🌴 ग्रेट निकोबार आइलैंड प्रोजेक्ट पर बढ़ता विवाद: कांग्रेस का कड़ा विरोध


नई दिल्ली, 8 सितंबर:
भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित ग्रेट निकोबार आइलैंड मेगा प्रोजेक्ट लगातार चर्चा और आलोचना का विषय बना हुआ है। यह महत्वाकांक्षी योजना द्वीप को एक बड़े व्यापारिक और सामरिक केंद्र में बदलने का दावा करती है, लेकिन विपक्ष का कहना है कि इसके गंभीर सामाजिक और पर्यावरणीय दुष्परिणाम सामने आएंगे।

🚢 परियोजना की रूपरेखा

इस योजना में शामिल हैं:

सरकार का तर्क है कि इससे न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत होगी बल्कि वैश्विक व्यापारिक गतिविधियों में भी भारत की स्थिति सुदृढ़ होगी।

⚠️ राहुल गांधी का आरोप

कांग्रेस सांसद और विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए इस परियोजना को “जनजातीय अस्तित्व पर सीधा हमला” बताया। उनके अनुसार—

“यह योजना संवैधानिक मूल्यों और कानूनी प्रक्रियाओं को कमजोर करती है। आदिवासी समुदायों की ज़मीन और जीवनशैली छीनना विकास नहीं, अन्याय है।”

🌿 सोनिया गांधी की चिंता

कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि करीब ₹72,000 करोड़ की लागत से बनने वाला यह प्रोजेक्ट नाजुक पारिस्थितिकी और आदिवासी संस्कृति दोनों को नुकसान पहुंचा सकता है।
उनके अनुसार—

🛑 संभावित असर

विशेषज्ञ मानते हैं कि इस परियोजना से—

✅ निष्कर्ष

ग्रेट निकोबार आइलैंड प्रोजेक्ट पर कांग्रेस का रुख साफ है—विकास की आवश्यकता से इनकार नहीं, लेकिन विकास बनाम अस्तित्व की लड़ाई में अगर जनजातीय अधिकार और पर्यावरण की सुरक्षा दरकिनार कर दी गई, तो इसका खामियाज़ा आने वाली पीढ़ियों को भुगतना पड़ेगा।


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