
नई दिल्ली, 8 सितंबर: भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान शुभमन गिल आज 26 वर्ष के हो गए। क्रिकेट की दुनिया में उन्हें कभी “भविष्य का सितारा” कहा गया था, लेकिन बीते कुछ वर्षों में गिल ने यह साबित कर दिया है कि वे न केवल भविष्य हैं बल्कि वर्तमान में भी भारतीय क्रिकेट की रीढ़ हैं।
🏏 शुरुआती कदम
पंजाब से क्रिकेट का सफर शुरू करने वाले गिल ने 2017 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में डेब्यू किया। डेब्यू मैच में शानदार अर्धशतक और अगले मैच में 129 रन की पारी ने चयनकर्ताओं को चौंका दिया। इसी दम पर वे भारत की अंडर-19 टीम में जगह बनाने में सफल हुए।
🌍 अंडर-19 विश्व कप और पहचान
2018 के अंडर-19 विश्व कप में गिल उपकप्तान बने और टूर्नामेंट में उनके बल्ले से आग निकली। पाकिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल में तूफानी शतक ने उन्हें “प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट” बना दिया और यहीं से वे क्रिकेट जगत में पहचान बनाने लगे।
💰 IPL और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट
आईपीएल 2018 की नीलामी में कोलकाता नाइट राइडर्स ने उन्हें 1.8 करोड़ रुपये में खरीदा। उसी वर्ष उन्होंने भारत की वनडे टीम में डेब्यू किया और जल्द ही टेस्ट क्रिकेट में भी अपने पैर जमा लिए।
🇦🇺 ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक प्रदर्शन
2019-20 की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में गिल ने मेलबर्न और सिडनी में शानदार पारियां खेलीं। सिडनी में 91 रनों की पारी ने उन्हें सुर्खियों में ला दिया और भारत को ऑस्ट्रेलिया में यादगार जीत दिलाने में अहम योगदान दिया।
✨ रनों का अंबार और रिकॉर्ड
2022 में चटगांव में उन्होंने अपना पहला टेस्ट शतक जड़ा और उसके अगले महीने न्यूजीलैंड के खिलाफ 23 साल की उम्र में 208 रन की धमाकेदार पारी खेलकर वनडे में दोहरा शतक जमाने वाले सबसे युवा भारतीय बने।
🌏 2023 विश्व कप और नई जिम्मेदारियाँ
विश्व कप 2023 में गिल ने 354 रन बनाए और भारत को फाइनल तक पहुँचाया। इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में 452 रन बनाकर भारत को 4-1 की जीत दिलाई। उसी वर्ष उन्हें गुजरात टाइटंस का कप्तान बनाया गया।
🏆 2025: नई ऊँचाइयाँ
रोहित शर्मा के संन्यास के बाद गिल को भारत की टेस्ट कप्तानी सौंपी गई। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ अपनी पहली ही बड़ी सीरीज में टीम को 2-2 की बराबरी दिलाई और चैंपियंस ट्रॉफी जीत में अहम भूमिका निभाई।
🎉 निष्कर्ष
26 वर्ष की उम्र में शुभमन गिल सिर्फ एक बल्लेबाज नहीं बल्कि भारतीय क्रिकेट का चेहरा बन चुके हैं। उनकी बल्लेबाजी में जहां ठहराव और क्लास है, वहीं कप्तानी में आत्मविश्वास और दूरदर्शिता झलकती है। आने वाले सालों में वे भारतीय क्रिकेट के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में अपना नाम दर्ज कराने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।