स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री ने जिन योजनाओं और मिशनों की घोषणा की, वे केवल सरकारी घोषणाएँ नहीं बल्कि भारत की आने वाली पीढ़ियों के लिए दूरगामी दृष्टिकोण का हिस्सा हैं। इन पहलों में युवाओं, सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, विज्ञान और सामाजिक संतुलन की झलक स्पष्ट दिखाई देती है।
🔹 विकसित भारत रोजगार योजना: युवाओं के सपनों को पंख
सरकार ने लगभग ₹1 लाख करोड़ रुपये की लागत से विकसित भारत रोजगार योजना की शुरुआत की है। इसका लक्ष्य आने वाले समय में 3.5 करोड़ से अधिक युवाओं को रोज़गार उपलब्ध कराना है।
- कौशल विकास और उद्यमिता पर विशेष ज़ोर
- ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में समान अवसर
- MSME और स्टार्टअप्स को नया सहारा
🔹 कर सुधार: व्यापार में सरलता और जनता को राहत
GST प्रणाली में सुधार की घोषणा ने छोटे व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों को राहत दी है। अब कर व्यवस्था पारदर्शी, सरल और जवाबदेह बनने की ओर अग्रसर होगी।
- अनावश्यक जटिलताओं को हटाने का प्रयास
- छोटे और मझोले कारोबारियों को लाभ
- उपभोक्ताओं पर कर का बोझ कम होगा
🔹 सुदर्शन चक्र मिशन: आधुनिक सुरक्षा की नई परिभाषा
श्रीकृष्ण से प्रेरित सुदर्शन चक्र मिशन के अंतर्गत भारत ने स्वदेशी एंटी-ड्रोन रक्षा तकनीक को विकसित किया है। यह प्रणाली सीमाओं पर दुश्मन की चुनौतियों का सटीक जवाब होगी।
- सीमा पर सुरक्षा कवच की मजबूती
- ड्रोन और साइबर हमलों से बचाव
- स्वदेशी अनुसंधान और रक्षा आत्मनिर्भरता
🔹 सुधारों की नई टास्क फोर्स: विकास को रफ्तार
Next Generation Reforms Task Force का गठन किया गया है, जिसका उद्देश्य नीति निर्माण में नवाचार और सुधारों को गति देना है।
- राज्यों और केंद्र में समन्वय
- वैश्विक मानकों के अनुरूप सुधार
- तेज़ और लचीली नीतियाँ
🔹 जनसांख्यिकीय मिशन: संतुलित समाज की दिशा
High Power Demographic Mission सामाजिक एकता, सुरक्षा और जनसंख्या संतुलन पर केंद्रित है।
- नई जनसंख्या नीति पर मंथन
- शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
- विविधता में एकता को सशक्त करना
🔹 समुद्र मंथन मिशन: नीली अर्थव्यवस्था की ओर कदम
भारत ने समुद्र मंथन मिशन की शुरुआत की है, जिसके अंतर्गत गहरे समुद्रों से संसाधनों की खोज और संरक्षण पर बल दिया जाएगा।
- समुद्री खनिज और ऊर्जा स्रोतों की खोज
- जैव विविधता और पर्यावरणीय संतुलन का संरक्षण
- नीली अर्थव्यवस्था में वैश्विक नेतृत्व
✨ समापन विचार
लाल किले से किए गए ये संकल्प भारत के भविष्य की मजबूत नींव रखते हैं। यह केवल योजनाएँ नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की स्पष्ट झलक हैं। अब ज़िम्मेदारी हर नागरिक की है कि इन पहलों को धरातल तक पहुँचाने में योगदान दे और भारत को विकसित, सुरक्षित तथा समावेशी राष्ट्र बनाने की प्रक्रिया में सहभागी बने।
