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📰 उत्तर प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता: सीएम योगी का दावा


लखनऊ (उत्तर प्रदेश) – उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में राज्य में भर्ती प्रक्रियाओं और रोजगार सृजन पर महत्वपूर्ण बयान दिया। सीएम ने पिछले आठ वर्षों में राज्य में हुई सरकारी भर्ती की उपलब्धियों को साझा करते हुए कहा कि पहले की सरकारें भर्ती प्रक्रियाओं में भ्रष्टाचार और पारिवारिक भेदभाव को बढ़ावा देती थीं।

सीएम योगी ने लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान बताया, “पहले अधिकतर भर्ती प्रक्रियाओं को CBI के पास जांच के लिए भेजा जाता था। ये वही लोग थे जो एक परिवार के सदस्यों से पैसे लेकर अधिक लोगों को भर्ती करते थे और इस तरह उत्तर प्रदेश के लोगों का शोषण करते थे।” उन्होंने यह भी कहा कि यह भर्ती 2016 की थी और अब इसकी जांच चल रही है। यदि जांच समय पर पूरी होती है, तो इसमें शामिल कई लोग अपने जीवन का शेष समय जेल में बिताने के लिए मजबूर होंगे।

सीएम ने कहा कि पिछले आठ वर्षों में लगभग 2,19,000 पुलिसकर्मियों की सफलतापूर्वक भर्ती की गई है। उन्होंने आगे बताया कि हाल ही में 60,200 पुलिसकर्मियों की भर्ती पूरी की गई है।

इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने राज्य में रोजगार सृजन पर भी प्रकाश डाला। उनके अनुसार, पिछले आठ वर्षों में 8.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। भर्ती प्रक्रिया अब परीक्षण और आयोगों के माध्यम से नियमित रूप से पूरी की जा रही है। उन्होंने कहा, “आज उत्तर प्रदेश में सरकारी और निजी क्षेत्र में नौकरियों की बहार है। जो युवा निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया से चयनित हुए हैं, वे अब राज्य की सेवा में ईमानदारी और ऊर्जा के साथ योगदान दे रहे हैं।”

सीएम योगी ने आज के उत्तर प्रदेश की तुलना 2017 से पहले की स्थिति से की, जब राज्य को “बिमार” राज्य कहा जाता था और युवाओं को पहचान संकट का सामना करना पड़ता था। उन्होंने बताया कि अब स्थिति बदल चुकी है और राज्य के युवा राष्ट्र के विकास में सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं।


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