HIT AND HOT NEWS

✨ ईईपीसी इंडिया की प्लेटिनम जुबिली पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संबोधन


भारत के राष्ट्रपति भवन के संरक्षण में 8 सितंबर 2025 का दिन इंजीनियरिंग निर्यात क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (EEPC India) की प्लेटिनम जुबिली (75वीं वर्षगांठ) समारोह की शोभा बढ़ाई और भारत की वैश्विक प्रगति में इंजीनियरिंग क्षेत्र की अहम भूमिका पर प्रकाश डाला।

ईईपीसी इंडिया: एक परिचय
1955 में स्थापित EEPC India का उद्देश्य भारतीय इंजीनियरिंग वस्तुओं के निर्यात को बढ़ावा देना और विश्व बाजार में भारत की तकनीकी क्षमता को पहचान दिलाना रहा है। यह संगठन न केवल निर्यातकों को मंच प्रदान करता है बल्कि सरकारी नीतियों और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक समझौतों में इंजीनियरिंग क्षेत्र की आवाज़ भी बनता है।

राष्ट्रपति का संदेश
अपने संबोधन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि भारत का इंजीनियरिंग क्षेत्र “मेक इन इंडिया” और “आत्मनिर्भर भारत” अभियानों का मजबूत स्तंभ है। उन्होंने निर्यातकों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि उच्च गुणवत्ता और तकनीकी नवाचार के माध्यम से भारत न केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर रहा है, बल्कि विकसित राष्ट्रों के साथ व्यापारिक साझेदारी को भी नई दिशा दे रहा है।

वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती ताकत
आज भारत एशिया और यूरोप सहित कई महाद्वीपों में इंजीनियरिंग वस्तुओं का प्रमुख निर्यातक बन चुका है। ऑटोमोबाइल, औद्योगिक मशीनरी, विद्युत उपकरण और स्टील उत्पाद जैसे क्षेत्र भारतीय इंजीनियरिंग निर्यात की रीढ़ हैं। EEPC India इस दिशा में निर्यातकों को आधुनिक तकनीक, बाजार शोध और अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों में भागीदारी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराता है।

निष्कर्ष
ईईपीसी इंडिया की प्लेटिनम जुबिली केवल 75 वर्षों की उपलब्धियों का जश्न नहीं है, बल्कि यह भविष्य की चुनौतियों और संभावनाओं की ओर बढ़ने का संकल्प भी है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति ने इस आयोजन को और अधिक ऐतिहासिक बना दिया। आने वाले वर्षों में भारत के इंजीनियरिंग निर्यात को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में EEPC India की भूमिका और भी महत्वपूर्ण होगी।


Exit mobile version