
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने हाल ही में शीर्ष अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का केंद्रबिंदु राष्ट्रीय सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और तकनीकी चुनौतियाँ रहीं। यह विचार-विमर्श ऐसे समय में हुआ है जब रूस ने एक बार फिर यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे पर हमलों को तेज़ कर दिया है। राष्ट्रपति ने साफ किया कि सरकार की प्राथमिकता वर्तमान में “प्रणाली को स्थिर और सुरक्षित बनाए रखना” है।
⚡ ऊर्जा ढांचे पर बढ़ते हमले: सर्दियों से पहले की परीक्षा
रूस की रणनीति स्पष्ट है—यूक्रेन के बिजली केंद्रों और ग्रिड पर लगातार हमले करके देश को ठंड और अंधकार में धकेलना। इन हमलों का असर न केवल घरेलू जीवन पर पड़ रहा है, बल्कि औद्योगिक गतिविधियाँ भी प्रभावित हो रही हैं। ज़ेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन इसका डटकर सामना करेगा और जवाबी कदम उठाएगा, लेकिन साथ ही नागरिकों तक बिना रुकावट ऊर्जा पहुँचाना सरकार की सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी है।
🛡️ रामस्टीन सम्मेलन: सहयोग की नई उम्मीदें
बैठक में ज़ेलेंस्की और रक्षा मंत्री ने आगामी रामस्टीन सम्मेलन की तैयारियों पर भी चर्चा की। यह अंतरराष्ट्रीय मंच यूक्रेन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें यूरोपीय और वैश्विक साझेदार उसकी रक्षा ज़रूरतों पर विचार करते हैं। इस बार दो प्रमुख लक्ष्य सामने रखे गए हैं:
- यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली को और सुदृढ़ करना
- मित्र देशों के साथ सहयोग का दायरा बढ़ाना
राष्ट्रपति ने भरोसा जताया कि यूक्रेनी सेना की क्षमताएँ लगातार मज़बूत हो रही हैं और यह ताकत देश की संप्रभुता की गारंटी बनेगी।
🎯 तकनीकी तैयारी और भविष्य की रणनीति
बैठक में तकनीकी मोर्चे पर भी विस्तृत चर्चा हुई—जैसे बिजली ग्रिड की सुरक्षा, साइबर हमलों से बचाव, और आपात स्थितियों में तेज़ प्रतिक्रिया की व्यवस्था। ज़ेलेंस्की ने संकेत दिया कि यूक्रेन अब केवल रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक रणनीतियों पर भी काम कर रहा है।