
भारत में महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य व पोषण को मजबूत करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण अभियान की शुरुआत हुई है — “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार”। 17 सितंबर 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई यह पहल केवल स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक चेतना, समता और परिवारिक सशक्तिकरण की दिशा में भी एक बड़ी पहल है।
🔹 अभियान की मुख्य विशेषताएँ
- 75,000 स्वास्थ्य शिविर: देशभर में विशेष शिविरों का आयोजन, जहाँ महिलाओं और बच्चों को जांच, परामर्श, पोषण संबंधी सलाह, टीकाकरण और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएँ दी जा रही हैं।
- पोषण माह से जुड़ाव: सितंबर को “पोषण माह” के रूप में मनाते हुए संतुलित आहार, स्तनपान को प्रोत्साहन, एनीमिया से बचाव और बच्चों के समग्र विकास को अभियान से जोड़ा गया है।
- जनभागीदारी पर जोर: पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्मियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है।
🔹 17 सितंबर से 2 अक्टूबर: प्रतीकात्मक अवधि
यह अभियान विश्वकर्मा जयंती से शुरू होकर गांधी जयंती तक चलता है। यह समयसीमा श्रम, सेवा और स्वास्थ्य के भारतीय मूल्यों का प्रतिनिधित्व करती है। संदेश साफ है — यदि महिला सशक्त और स्वस्थ है, तो परिवार और समाज भी सशक्त होंगे।
🔹 स्वास्थ्य से सशक्तिकरण तक
यह पहल केवल चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह लैंगिक समानता, सामाजिक न्याय और सतत विकास से भी सीधे जुड़ी हुई है। एक स्वस्थ महिला परिवार की रीढ़ है और जब वह मजबूत होती है, तो पूरा समाज आगे बढ़ता है।
🔹 सहयोग और संसाधन
- संस्थागत सहयोग: महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय, FSSAI और राज्य सरकारें मिलकर इस अभियान को गति दे रही हैं।
- आधुनिक माध्यमों का उपयोग: मोबाइल स्वास्थ्य इकाइयाँ, डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया के जरिये जागरूकता और सेवाएँ घर-घर पहुँचाई जा रही हैं।
✨ निष्कर्ष: “नारी का स्वास्थ्य ही परिवार की शक्ति है”
“स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” केवल एक स्वास्थ्य अभियान नहीं, बल्कि यह भविष्य की पीढ़ी के लिए सुदृढ़ और पोषित भारत का सपना है। यह पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर, जागरूक और सशक्त बनाती है तथा परिवार और समाज के हर स्तर पर सकारात्मक बदलाव की दिशा में प्रेरित करती है।