
दुबई, 9 सितंबर – एशिया कप 2025 की काउंटडाउन शुरू होते ही भारतीय क्रिकेट टीम ने अपनी तैयारियों में रफ़्तार बढ़ा दी है। खिलाड़ी इस बार सिर्फ बल्लेबाज़ी और गेंदबाज़ी पर नहीं, बल्कि फील्डिंग को भी अपनी जीत का अहम हथियार बनाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
भारतीय टीम के फील्डिंग कोच टी. दिलीप की देखरेख में दुबई के मैदान पर खिलाड़ियों ने हाई-इंटेंसिटी ड्रिल्स किए। इन अभ्यास सत्रों में सबसे ज्यादा ज़ोर डायरेक्ट हिट, तेज़ रिफ्लेक्स कैच और रन-आउट की सटीकता पर दिया गया। कोच का मानना है कि मौजूदा टूर्नामेंट में छोटी-छोटी गलतियां भी मैच का रुख बदल सकती हैं, इसलिए हर खिलाड़ी को अपनी फील्डिंग को अगले स्तर तक ले जाना होगा।
टीम मैनेजमेंट का साफ़ मानना है कि आधुनिक क्रिकेट में वही टीम बाज़ी मारती है, जो दबाव के पलों में बेहतर फील्डिंग दिखाए। यही वजह है कि कप्तान रोहित शर्मा और कोचिंग स्टाफ लगातार खिलाड़ियों को मैदान पर तेज़ और चुस्त रहने की सलाह दे रहे हैं।
सत्र के दौरान खिलाड़ियों को फिटनेस और एथलेटिक मूवमेंट्स पर भी अलग से ट्रेनिंग दी गई। इसमें खास तौर पर डाइविंग कैच, स्लाइडिंग स्टॉप और सीमित ओवरों के खेल में रन बचाने की रणनीतियाँ शामिल थीं।
विशेषज्ञों का मानना है कि एशिया कप 2025 में भारतीय टीम की फील्डिंग ही उसकी सबसे बड़ी ताकत साबित हो सकती है। बेंच स्ट्रेंथ और युवा खिलाड़ियों की फुर्ती टीम को अतिरिक्त बढ़त दिला सकती है।
अब सबकी नज़रें इस बात पर टिकी हैं कि टीम इंडिया मैदान पर इन अभ्यासों का नतीजा कैसे दिखाती है और क्या यह तैयारी उन्हें एशिया कप की ट्रॉफी तक पहुँचा पाएगी।