
पेरिस/दोहा, 9 सितंबर 2025 –
मध्य पूर्व में तनाव और जटिल होता जा रहा है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इज़राइली वायुसेना द्वारा कथित तौर पर क़तर पर किए गए हमले को “पूरी तरह अस्वीकार्य” करार दिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति या औचित्य के नाम पर ऐसे हमलों को जायज़ नहीं ठहराया जा सकता।
मैक्रों ने अपने आधिकारिक बयान में क़तर के अमीर शेख तमीम अल-थानी के वक्तव्य का समर्थन करते हुए कहा कि युद्ध को सीमित रखा जाना चाहिए और इसे किसी भी हाल में खाड़ी क्षेत्र या मध्य पूर्व के अन्य हिस्सों में फैलने नहीं देना चाहिए। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि क्षेत्र में बढ़ती हिंसा वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा है।
कूटनीतिक संकेत
फ्रांस लंबे समय से मध्य पूर्व में शांति स्थापित करने की पैरवी करता रहा है। मैक्रों का यह बयान न केवल क़तर के साथ एकजुटता का संकेत देता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि यूरोप युद्ध को फैलने से रोकने की दिशा में कड़ा रुख अपनाने को तैयार है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएँ
मैक्रों के बयान के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएँ देखने को मिलीं। कुछ उपयोगकर्ताओं ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति की आलोचना की और इज़राइल के पक्ष में खड़े हुए, वहीं कई लोगों ने क़तर और शांति के पक्ष में मैक्रों की सराहना की। यह विवाद इस बात का सबूत है कि इज़राइल-हमास युद्ध और उसके प्रभाव अब खाड़ी देशों तक पहुँच चुके हैं, जिससे क्षेत्रीय भू-राजनीति और जटिल हो गई है।