
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर डेमोक्रेटिक पार्टी द्वारा शासित शहरों की कानून-व्यवस्था पर कड़ा प्रहार किया है। शार्लट शहर में हाल ही में एक युवती की दर्दनाक हत्या के बाद ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि देश को अब “सुरक्षा, संरक्षण और क़ानून-व्यवस्था” पर गंभीरता से ज़ोर देना होगा।
ट्रंप ने इस घटना को “एक पागल अपराधी दानव द्वारा की गई अमानवीय वारदात” बताते हुए कहा कि निर्दोष नागरिकों की जानें लगातार खतरे में हैं और यह स्थिति बर्दाश्त से बाहर हो चुकी है। उन्होंने अपने संदेश में अमेरिकी जनता से अपील की कि अब समय आ गया है जब देश को इस “पागलपन” पर रोक लगानी होगी।
ट्रंप का यह बयान उस समय आया है जब अमेरिका के कई बड़े शहरों में अपराध की घटनाएँ लगातार सुर्खियों में हैं। डेमोक्रेटिक गवर्नेंस वाले शहरी इलाकों में हत्या, लूट और हिंसक घटनाओं की बढ़ती संख्या को लेकर रिपब्लिकन खेमे ने पहले भी सवाल उठाए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का यह आक्रामक रुख आगामी चुनावी माहौल में “क़ानून और व्यवस्था” को एक केंद्रीय मुद्दा बनाने की ओर इशारा करता है। रिपब्लिकन पार्टी लंबे समय से यह तर्क देती रही है कि डेमोक्रेट नेताओं की नीतियाँ अपराध को रोकने में असफल रही हैं।
ट्रंप ने अपने संदेश में कहा –
“यह पागलपन अब बंद होना चाहिए। हमारे देश के लोग सुरक्षा और शांति चाहते हैं। हमें क़ानून का राज बहाल करना ही होगा।”
अब देखना होगा कि अमेरिकी जनता इस मुद्दे को आगामी चुनावों में किस तरह से देखती है। लेकिन इतना साफ है कि शार्लट की यह घटना अमेरिका की राजनीति में एक बार फिर अपराध और सुरक्षा बहस को केंद्र में ले आई है।